
भ्रष्टाचार पर नकेल कसते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की 20 सदस्यीय दो टीमों ने शनिवार को गुमला के लघु सिंचाई प्रमंडल में एक साथ छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। कार्यालय परिसर स्थित सरकारी आवास में लेखपाल राहुल प्रताप को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई इतनी सटीक थी कि आरोपी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
मामले के अनुसार, गुमला शहर के कृष्णा छात्रावास में 25 लाख रुपये की लागत से हुए रंग-पुताई कार्य के भुगतान से संबंधित चेक जारी करने के लिए राहुल प्रताप ने ठेकेदार से घूस की मांग की थी। योजना 34 प्रतिशत लेस पर ली गई थी, बावजूद इसके भुगतान में अनावश्यक विलंब किया जा रहा था। रिश्वत की मांग से परेशान ठेकेदार ने एसीबी से लिखित शिकायत की। सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को 20 हजार रुपये लेते धर दबोचा।
दीवार फांदकर फरार हुआ क्लर्क
एसीबी की दूसरी टीम ने कार्यालय में कार्यरत क्लर्क विष्णुदेव सिंह को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन टीम के पहुंचने की भनक लगते ही वह दीवार फांदकर फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि उसके खिलाफ भी शिकायत दर्ज थी और जांच चल रही थी।
गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम ने करीब दो घंटे तक आरोपी से पूछताछ की। इसके बाद लघु सिंचाई कार्यालय में दस्तावेजों की गहन जांच की गई। कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर में अफरातफरी मच गई। कई कर्मचारी बाहर निकल गए, जबकि कुछ स्थिति को लेकर असहज दिखे। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि राहुल प्रताप का स्थानांतरण 31 जुलाई 2025 को लोहरदगा कर दिया गया था, लेकिन उन्हें अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया था। कार्यपालक अभियंता द्वारा औपचारिक रूप से विरमित नहीं किए जाने के कारण वे गुमला में ही कार्य निष्पादित कर रहे थे। इस प्रशासनिक लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं। एसीबी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच आगे भी जारी रहेगी। यदि अन्य किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद लघु सिंचाई प्रमंडल में हड़कंप मचा हुआ है।
✍️ रिपोर्ट: गुमला ब्यूरो, अजय शर्मा
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