
चतरा/हंटरगंज। हंटरगंज थाना क्षेत्र की सड़कों पर तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को तीन अलग-अलग सड़क हादसों में कुल 9 लोग घायल हो गए, जिनमें 4 की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए गया स्थित मगध मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जबकि अन्य का इलाज हंटरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। पहली घटना शुक्रवार देर शाम हंटरगंज-कौलेश्वरी मुख्य पथ पर जीरामनी कॉलेज के समीप घटी। तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे शेरघाटी थाना क्षेत्र के हलालगंज निवासी भुनेश्वर यादव के 22 वर्षीय पुत्र सरवन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने हालत नाजुक देखते हुए गया रेफर कर दिया। दूसरी घटना औरु-लेंजवा मुख्य पथ पर औरु सिविल विद्यालय के समीप हुई। तेज रफ्तार के कारण बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे बाइक सवार तीन नाबालिग युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में बलूरी निवासी विनय शंकर राम के 15 वर्षीय पुत्र सोनू कुमार, बाबू यादव के 15 वर्षीय पुत्र रौशन कुमार और उमा शंकर के 15 वर्षीय पुत्र रवि कुमार शामिल हैं। तीनों को प्राथमिक उपचार के बाद गया रेफर किया गया है। तीसरी घटना चतरा मुख्य पथ पर डुमरी कॉलेज के समीप हुई। जिसमें चार लोग घायल हो गए। घायलों में प्रहलाद कुमार के 15 वर्षीय पुत्र सूरज कुमार, राजेश कुमार के 15 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार (दोनों हंटरगंज निवासी), हीरिंग गांव निवासी पिंटू सिंह के 20 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार तथा रामानंद सिंह शामिल हैं। सभी का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। ज्ञात हो कि हंटरगंज में नाबालिगों द्वारा खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद बिना लाइसेंस वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर न तो प्रशासन सख्ती दिखा पा रहा है और न ही अभिभावक गंभीर नजर आ रहे हैं। कुछ माह पूर्व घंघरी में अनियंत्रित बाइक पलटने से एक नाबालिग की दर्दनाक मौत हो चुकी है। वहीं दो दिन पूर्व डुमरी में हुए हादसे में घायल एक नाबालिग छात्र रांची रिम्स में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। इसके बावजूद हालात में सुधार नहीं दिख रहा। शनिवार की घटना एक बार फिर चेतावनी है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई और जागरूकता नहीं बढ़ाई गई, तो ऐसे हादसे लगातार होते रहेंगे। प्रशासन और अभिभावकों से मांग उठ रही है कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।





















Total Users : 806144
Total views : 2507019