टंडवा (चतरा)। सीसीएल द्वारा संचालित आम्रपाली कोल परियोजना में इन दिनों रोड कटिंग के बाद निकलने वाले जीएसबी (ग्रेन्यूलर सब बेस) की अवैध खपत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि एनसीसी कंपनी से सांठ-गांठ कर बिचौलिये इस बहुमूल्य मटेरियल को खपाने की तैयारी में जुटे हुए हैं।
बताया जाता है कि पूर्व में हुई रोड कटिंग से निकले करोड़ों रुपये मूल्य के मटेरियल को पहले ही खपाया जा चुका है, जिसका अब तक कोई स्पष्ट हिसाब-किताब सामने नहीं आया है। वहीं, रोड कटिंग से निकलने वाले मटेरियल का आज तक नीलामी (ऑक्शन) नहीं होना भी संबंधित अधिकारियों की भूमिका को संदिग्ध बना रहा है।
जानकारों के अनुसार, एक ट्रक जीएसबी मटेरियल का बाजार मूल्य करीब 50 हजार रुपये आंका जाता है। सामान्यतः 10 मीटर रोड कटिंग में लगभग एक ट्रक मटेरियल निकल आता है। ऐसे में रोड निर्माण के कुछ ही वर्षों या महीनों के भीतर रोड का बार-बार कटिंग या कन्वर्जन होना, इस कथित काले खेल के गणित की ओर इशारा करता है।
दावा किया जा रहा है कि इसमें शामिल सिंडिकेट विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत कर कम दर पर टेंडर हासिल करता है और बाद में रोड कटिंग से निकले मटेरियल को बेचकर भारी मुनाफा कमाया जाता है। फिलहाल आम्रपाली परियोजना कार्यालय के समीप एनसीसी कंपनी द्वारा रोड कटिंग के बाद सड़क को कन्वर्ट किया जाना प्रस्तावित है, जिसके लिए नए सिरे से सड़क निर्माण का टेंडर निकालने की तैयारी चल रही है। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे खेल में संलिप्त सिंडिकेट जुगाड़ बैठाने के लिए संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों की नजरें प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



















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