हंटरगंज (चतरा)। सुरक्षित यात्री परिवहन को लेकर सरकार ने भले ही कई नियम बनाए हों, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इनका पालन सिर्फ तब ही सख्ती से कराया जाता है, जब कोई मंत्री या बड़ा अधिकारी निर्देश दे। सामान्य दिनों में जिम्मेदार परिवहन विभाग और पुलिस महकमा आंखें मूंदे रहता है। इसी लापरवाही के चलते कभी भी किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ताजा मामला बुधवार को चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत हंटरगंज बाजार चतरा-डोभी मुख्य पथ पर सामने आया, जहां बोर्ड परीक्षा देने आए स्कूली छात्र एक वाहन में इस कदर ठूंसे गए थे कि उनकी जान तक खतरे में पड़ गई। वाहन के अंदर जगह नहीं मिलने पर छात्र न केवल वाहन की छत पर सवार थे, बल्कि कई छात्र वाहन के पीछे से लटकते हुए सफर करते नजर आए। गौर करने वाली बात यह है कि चतरा जिले में इन दिनों सड़क सुरक्षा सप्ताह चल रहा है और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है। लेकिन बुधवार को सामने आई तस्वीरों ने सड़क सुरक्षा सप्ताह की वास्तविकता उजागर कर दी। ऐसा प्रतीत होता है कि सड़क सुरक्षा सप्ताह महज कागजों में ही सिमट कर रह गया है, जबकि जमीनी स्तर पर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वाहन चालक भी यातायात नियमों की अनदेखी करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। नौनिहालों की जान जोखिम में डालकर इस तरह वाहनों का संचालन होना बेहद चिंताजनक है। ऐसे में परिवहन विभाग, पुलिस और शिक्षा विभाग को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों और लापरवाह चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है। इधर, इस संबंध में जिला परिवहन विभाग की पदाधिकारी महेश्वरी यादव ने बताया कि वाहनों में ओवरलोडिंग का मामला उनके संज्ञान में आया है। संबंधित थाना को निर्देश दे दिए गए हैं। यदि इस तरह के वाहन पकड़े जाते हैं, तो निश्चित रूप से उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा सप्ताह की खुली पोलः बोर्ड परीक्षार्थी छात्रों को ओवरलोड वाहन में ढोया गया, जान जोखिम में

On: February 4, 2026 9:13 PM

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