प्यार का खौफनाक अंत, प्रेमी ने प्रेमिका को रूह कंपा देने वाली मौत उत्तर प्रदेश के कानपुर में दी है। शव किसी को न मिल सके इसके लिए उसे सूटकेस में भरकर सौ किमी दूर उफनाती यमुना नदी में फेंक दिया। लेकिन कहावत है की पाप ज्यादा दिन तक छिप नहीं सकता और इस हैवानियत का राजफाश हो ही गया। दूसरी लड़की से प्रेम संबंध का विरोध करने पर पहले प्रेमिका की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को सूटकेस में भरकर दोस्त की मदद से बाइक से ले जाकर शहर से 100 किमी दूर बांदा के चिल्ला पुल से यमुना नदी में फेंक दिया। आरेपी प्रेमी और उसके दोस्त ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस के समक्ष घटना कबूल की। आरोपित की पहचान फतेहपुर के बिदंकी के हरीखेड़ा निवासी सूरज उत्तम और उसके दोस्त जाफरगंज के खानपुर कदीम गांव के आशीष के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपितों पर कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस युवती के शव की बरामदगी के प्रयास में लगी है। हालांकि अब तक शव के बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका है।
इंस्टाग्राम से हुई थी दोस्ती, प्रेमी के कहने पर लिव इन में रहने लगी, दोस्त के साथ सूटकेस में शव भरकर ले गए
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने मीडिया को बताया कि कानपुर देहात के रूरा के सुजनीपुर गांव की विजयश्री ने आठ अगस्त को हनुमंत विहार थाने में बेटी 20 वर्षीय आकांक्षा उर्फ माही के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वह बड़ी बहन के साथ बर्रा स्थित गुड फूड रेस्टोरेंट में काम करती थी। आरोपित भी पहले रेस्टोरेंट में काम करता था। बाद में वह इलेक्ट्रिशियन का काम करने लगा था। इंस्टाग्राम पर आकांक्षा की आरेपी से दोस्ती हुई थी। इसके बाद दोनों में नजदीकियां बढ़ती गईं। लगभग दो महीने पहले अरोपी के कहने पर ही आकांक्षा ने बर्रा स्थित रेस्टोरेंट को छोड़कर हमीरपुर रोड के कान्हा रेस्टोरेंट में नौकरी कर ली थी। इतना ही नहीं वह बर्रा में रहने वाली बड़ी बहन प्रतीक्षा से अलग होकर हनुमंत विहार में प्रमोद तिवारी के मकान में किराए पर उसके साथ लिव इन में रहने लगी थी। तभी बीते 21 जुलाई को अरोपी के किसी और लड़की से प्रेम संबंध होने की जानकारी आकांक्षा हुई। इस पर उसने रेस्टोरेंट पर आरोपी को बुलाया। जहां दोनों के बीच जमकर झगड़ा हुआ। इसके बाद रात 10ः30 बजे दोनों कमरे में पहुंचे। दोनों के बीच कहासुनी के दौरान हाथापाई होने पर आरोपित सूरज ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
दोस्त के साथ सूटकेस में शव भरकर ले गए थे
उसके बाद दोस्त आशीष को बुलाया और दोनों ने शव को एक सूटकेस में भरा। इसके बाद बाइक से सूटकेस को ले जाकर रात 2ः30 बजे चिल्ला पुल से यमुना नदी में फेंक दिया। डीसीपी दक्षिण ने बताया कि पहले तो आरापी पुलिस को गुमराह करता रहा था, लेकिन घटना के दिन मृतका के साथ उसकी लोकेशन और लगातार मोबाइल बातचीत का जिक्र होने पर वह टूट गया। इसके बाद हत्या कबूल करते हुए पूरी घटना का राज बताया।




























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