हजारीबाग। 1 फरवरी 2026 को सवर्ण एकता मंच हजारीबाग की बैठक सह एकदिवसीय अधिवेशन का आयोजन हजारीबाग स्थित ठाकुरबाड़ी (बड़ा अखाड़ा) में किया गया। अधिवेशन में ब्राह्मण समाज, क्षत्रिय समाज, कायस्थ समाज एवं ब्रह्मऋषि समाज के हजारों लोगों ने भाग लेकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
सभा को संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार पाण्डेय ने कहा कि सरकार समाज में भेदभाव बढ़ाने वाले तथाकथित ‘काले कानून’ को अविलंब वापस ले और ऐसा कानून बनाए जिससे सामाजिक समरसता मजबूत हो। उन्होंने कहा कि समाज को विभाजित करने वाले कानूनों के सहारे राजनीति करने वाली पार्टियों को अब जवाब मिलेगा।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सवर्ण समाज को लंबे समय तक केवल वोट बैंक समझा गया और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा उसके साथ अन्याय होता रहा है। उन्होंने कहा कि अब सवर्ण समाज संगठित हो चुका है और अपनी एकता के बल पर ऐसे कानूनों का विरोध करेगा। अधिवेशन में यह भी कहा गया कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए यूजीसी से संबंधित विवादित कानून को वापस लेना चाहिए।
सभा में मौजूद अन्य विद्वानों और समाज के प्रबुद्धजनों ने भी सामाजिक एकता, संगठन की मजबूती और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान सवर्ण समाज की एकजुटता और आगे की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिवेशन शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ।





















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