नोटिस के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं, अब थाने तक पहुँचा मामला, बिचौलिये की भूमिका संदिग्ध
टंडवा (चतरा)। सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए आम लोगों को जहाँ दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी सिस्टम में खुलेआम सेंधमारी कर बिचौलिये योजनाओं को तार-तार कर रहे हैं। ताज़ा मामला प्रखंड क्षेत्र के मिश्रोल गांव से सामने आया है, जहाँ दो लोगों द्वारा मंइया सम्मान योजना के साथ-साथ वृद्धा एवं विधवा पेंशन का फर्जीवाड़ा कर दोहरा लाभ लेने का गंभीर मामला उजागर हुआ है।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब लगभग डेढ़ माह पूर्व संज्ञान में आने के बाद प्रखंड कार्यालय द्वारा ज्ञापांक 959, दिनांक 18/11/2025 के माध्यम से ममता कुमारी (पिता–निर्मल ठाकुर) एवं सुमन कुमारी (पिता–धनेश्वर ठाकुर) को नोटिस जारी कर दोहरा लाभ लेने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। नोटिस में पूर्व सूचना के बावजूद ठोस जवाब नहीं दिए जाने का स्पष्ट उल्लेख किया गया था।
प्रशासनिक सख़्ती के बीच मामला आपराधिक प्रकृति का होने के कारण 02/02/2026 को दोनों महिलाओं ने स्थानीय थाना में अलग-अलग लिखित आवेदन देकर अपने ही गांव मिश्रोल निवासी राजेश कुमार (पिता–लालू साव) के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
24 वर्षीय ममता कुमारी ने अपने आवेदन में बताया कि केवाईसी कराने के नाम पर राजेश कुमार ने उसकी जानकारी के बिना नेट बैंकिंग के माध्यम से सरकारी राशि की निकासी कर ली। साथ ही वृद्धा पेंशन के लिए अपात्र होने के बावजूद विभागीय स्वीकृति दिलवाकर चुपचाप खाते में अपना मोबाइल नंबर भी जुड़वा लिया। इस संबंध में उसने समुचित तथ्यों एवं साक्ष्यों का उल्लेख किया है।
वहीं सूत्रों के अनुसार 24 वर्षीय सुमन कुमारी अविवाहित है, लेकिन उसे विधवा पेंशन का लाभ दिलाने के लिए काल्पनिक पति स्व. गणेश ठाकुर के नाम से कथित रूप से डेथ सर्टिफिकेट का उपयोग किया गया।
यह संदिग्ध मामला सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में व्याप्त गंभीर गड़बड़ियों की पोल खोलता है। स्थानीय लोगों द्वारा आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है। सूत्रों की मानें तो यदि मामले की गहन जांच हुई, तो बड़े पैमाने पर अपात्र लाभुकों के साथ-साथ किसी संगठित रैकेट के भंडाफोड़ की भी प्रबल संभावना है।



















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