श्रावणी मेले में डॉ. इरफान अंसारी का मानवीय चेहरा आया सामने, दवा और मालिश कर श्रद्धालुओं की बांटी पीड़ा
देवघर। बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रावणी मेले के दौरान उस समय भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब झारखंड के स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर उनकी सेवा करते नजर आए। लंबी पैदल यात्रा से थके कांवरियों की परेशानी देखकर मंत्री ने औपचारिक निरीक्षण तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उनके पास बैठकर अपने हाथों से पैर दबाए और जरूरत के अनुसार दवाइयां उपलब्ध कराईं।
मंत्री ने माता हीरामणि देवी कांवरिया शिविर का उद्घाटन किया। इसके बाद कांग्रेस द्वारा संचालित कांवरिया सेवा शिविर सहित विभिन्न शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधा, भोजन, पेयजल, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
थके कांवरियों के पास बैठकर दबाए पैर
निरीक्षण के दौरान कई कांवरिये लंबी पैदल यात्रा के कारण पैरों में दर्द और थकान से परेशान दिखाई दिए। मंत्री उनके बीच पहुंचे और स्वयं उनके पैर दबाकर राहत देने का प्रयास किया। उन्होंने जरूरतमंद श्रद्धालुओं को दवाइयां भी उपलब्ध कराईं।
मंत्री के इस व्यवहार को देखकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने उनके सेवा भाव की सराहना की। कई श्रद्धालुओं ने इसे जनप्रतिनिधि के मानवीय व्यवहार का उदाहरण बताया।
लाखों श्रद्धालुओं को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था अलर्ट
पहली सोमवारी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मी और आपदा प्रबंधन की टीमें चौबीसों घंटे तैयार रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
उन्होंने शिविरों में भोजन, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और पेड़ा प्रसाद की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
‘श्रद्धालुओं की सेवा ही सच्ची मानव सेवा’
इस मौके पर मंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि धर्म, जाति और समुदाय से ऊपर उठकर जरूरतमंद की सहायता करना ही इंसानियत और भारतीय संस्कृति की पहचान है।
श्रावणी मेले के दौरान मंत्री का कांवरियों के बीच पहुंचकर उनकी परेशानी सुनना और व्यक्तिगत रूप से सहायता करना चर्चा का विषय बना रहा। श्रद्धालुओं ने उनके इस सेवा भाव की सराहना की और कहा कि पद से बड़ा सेवा और संवेदना का भाव होता है।























Total Users : 1109121
Total views : 2924398