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तीन माह बाद दिव्यांग बेटे की हुई घर वापसी

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सोशल मीडिया और सामूहिक प्रयास से बिहार के लापता किशोर को मिला परिवार, माता-पिता की आंखें हुईं नम

मयूरहंड (चतरा)। करीब तीन माह पहले घर से बिछड़ा बिहार के नालंदा जिले के सिलाव प्रखंड अंतर्गत मनियांवा निवासी मनोज पासवान का 15 वर्षीय मानसिक रूप से दिव्यांग पुत्र विकास कुमार आखिरकार अपने माता-पिता से मिल गया। विकास अपने परिवार का इकलौता पुत्र है। उसके लापता होने के बाद परिजन गहरे सदमे में थे और लगातार उसकी तलाश कर रहे थे।

परिजनों ने स्थानीय थाने में आवेदन देकर बेटे की खोजबीन शुरू कराई। वहीं आर्यावर्त लोक सेवा संस्थान ने भी विकास की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर साझा की। इसी दौरान मंझगांवा के उप मुखिया उपेंद्र दांगी की नजर सोशल मीडिया पोस्ट पर पड़ी। उन्होंने तत्काल संस्थान से संपर्क कर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई, जिसके आधार पर विकास की पहचान की पुष्टि हुई और उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया गया।

संस्थान और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से विकास को सकुशल उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। करीब तीन महीने बाद बेटे को सामने देखकर माता-पिता की आंखें खुशी के आंसुओं से भर गईं। परिवार ने इस मानवीय पहल के लिए आर्यावर्त लोक सेवा संस्थान तथा सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस सराहनीय कार्य में संस्थान के संस्थापक अविनाश कुमार, सदस्य रेणु देवी एवं रवि सिंह के साथ-साथ रंजन सिंह, धीरन ठाकुर, रामखेलावन दांगी, राहुल राणा, चंद्रदेव दांगी, अरुण दांगी और राजू दांगी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सामूहिक प्रयास, सामाजिक संवेदनशीलता और मानव सेवा की भावना से बिछड़े लोगों को उनके अपनों से मिलाया जा सकता है।

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