Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

कोयला लदे हाइवा का तांडव; पुल के डिवाइडर से टकराकर पलटा यमदूत,  मुख्य मार्ग घंटों ठप

---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

चट्टी बारियातु से कटकमसांडी डंपिंग यार्ड जा रहा था भारी वाहन। अनियंत्रित रफ्तार के कारण हुआ भीषण हादसा, बाल-बाल बची चालक की जान; थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री ने दलबल के साथ बहाल कराया यातायात।

गिद्धौर (चतरा) | न्यूज स्केल लाइव

चतरा जिले के कोयलांचल क्षेत्रों और मुख्य मार्गों पर भारी कोयला वाहनों (कोल हाइवा) की अनियंत्रित रफ्तार और जानलेवा ड्राइविंग का खूनी कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर दिन की तरह सोमवार को भी कोयला लदा एक बेलगाम हाइवा गिद्धौर थाना क्षेत्र अंतर्गत बांय मोड़ स्थित कर्माटांड़ के समीप अनियंत्रित होकर पुल के विधिक डिवाइडर से जोरदार तरीके से टकरा गया और बीच सड़क पर ही पलट गया।

इस भीषण हादसे के बाद कुछ समय के लिए चतरा-हजारीबाग भाया कटकमसांड़ी मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप और बाधित हो गया तथा मौके पर स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के बीच भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

चट्टी बारियातु से लोड होकर डंपिंग यार्ड जा रहा था कोयला; पुल के नीचे गिरता तो होता महा-हादसा

जमीनी स्तर पर जुटे प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हाइवा वाहन (कोल वैन) चट्टी बारियातु कोलियरी से भारी मात्रा में कोयला लोड कर कटकमसांडी स्थित रेलवे डंपिंग स्थल की ओर तेज रफ्तार में जा रहा था। इसी दौरान कर्माटांड़ के समीप तीखे मोड़ पर चालक अचानक वाहन की रफ्तार पर नियंत्रण खो बैठा। रफ्तार इतनी कड़क थी कि हाइवा सीधे पुल के कंक्रीट डिवाइडर को तोड़ते हुए पलट गया और टन भर कोयला सड़क पर बिखर गया।

हादसे में चालक को आंशिक और हल्की चोटें आई हैं, जिसे स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों का साफ कहना है कि कर्माटांड़ का यह पुल काफी गहरा है; यदि अनियंत्रित हाइवा डिवाइडर को लांघकर सीधे पुल के नीचे नदी में गिर जाता, तो एक बहुत बड़ा और भयावह हादसा घटित हो सकता था, जिसमें जान-माल की भारी और अपूरणीय क्षति सुनिश्चित थी।

थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री ने संभाली कमान; दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू

कोयला हाइवा पलटने और मुख्य मार्ग जाम होने की सनसनीखेज सूचना मिलते ही गिद्धौर थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री बिना एक पल का वक्त गंवाए पुलिस बल और सशस्त्र जवानों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने सबसे पहले सड़क पर बिखरे कोयले और पलटे हुए भारी हाइवा को किनारे कराने के लिए क्रेन की विधिक व्यवस्था की और घंटों से फंसे यात्री वाहनों व बसों को धीरे-धीरे निकालकर चतरा-हजारीबाग मार्ग पर यातायात को दोबारा सामान्य और सुचारू कराया।

थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को विधिक कब्जे में ले लिया है और हादसे के असली कारणों (ओवरस्पीडिंग या तकनीकी खराबी) का पता लगाने के लिए सघन जांच शुरू कर दी है।

सुलगते सवाल— कब थमेगी टंडवा और गिद्धौर की सड़कों पर कोयला ‘यमदूतों’ की जानलेवा रफ्तार?

इस ताजा घटना के बाद एक बार फिर समूचे गिद्धौर और चतरा जिले में भारी वाहनों की बेकाबू तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और सड़क सुरक्षा (Road Safety) के विधिक नियमों को लेकर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि कोलियरी से निकलने वाले हाइवा चालक चंद रुपयों के ट्रिप इंसेंटिव के चक्कर में घने रिहायशी इलाकों और तीखे मोड़ों पर भी वाहनों को यमदूत की तरह दौड़ाते हैं।

गिद्धौर के प्रबुद्ध नागरिकों ने चतरा के मुस्तैद उपायुक्त रवि आनंद और पुलिस अधीक्षक अनिमेश नैथानी से गुहार लगाई है कि इन कोयला कॉरिडोर मार्गों पर कड़ाई से गति सीमा (Speed Limit) तय की जाए और समय-समय पर स्पीड गन व नाका चेकिंग अभियान चलाकर लापरवाह चालकों के खिलाफ कड़े विधिक चालान और लाइसेंस रद्दीकरण की विधिक कार्रवाई की जाए, ताकि आए दिन होने वाली इन दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment