भीषण गर्मी और उमस के बीच टूट गया सब्र का बांध। 24 घंटे में महज 2 से 4 घंटे ही मिल रही बिजली; पंखे-कूलर ठप होने से रात भर जागने को मजबूर हैं लोग, पानी के लिए भी शुरू हुआ महा-संकट, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
हंटरगंज (चतरा) | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जारी बदहाल बिजली व्यवस्था और भीषण उमस भरी गर्मी के दोहरे टॉर्चर ने अब स्थानीय नागरिकों के सब्र का बांध पूरी तरह से तोड़ दिया है। लगातार अनियमित बिजली आपूर्ति, अघोषित कटौती और विभागीय अधिकारियों की संवेदनहीनता से उद्वेलित होकर सोमवार को दर्जनों की संख्या में आक्रोशित ग्रामीण और स्थानीय उपभोक्ता सीधे हंटरगंज स्थित मुख्य पावर ग्रिड परिसर पहुंच गए। ग्रिड परिसर का घेराव करते हुए आक्रोशित जनता ने बिजली विभाग के कड़े रवैए और बिजली प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी तीखी नाराजगी जाहिर की।
इस दौरान मौके पर मौजूद आक्रोशित लोगों ने ग्रिड में तैनात बिजलीकर्मियों और विभागीय पदाधिकारियों पर अपनी भड़ास निकाली तथा चरमराई व्यवस्था में अविलंब गुणात्मक सुधार करने की विधिक मांग की।
तपती गर्मी और गर्म हवाओं के बीच 24 घंटे में महज 2 से 4 घंटे बिजली; आंख-मिचौली जारी
पावर ग्रिड पर जुटे स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और उपभोक्ताओं का साफ कहना है कि हंटरगंज प्रखंड क्षेत्र में पिछले कई हफ्तों से बिजली आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह से नारकीय और बदहाल बनी हुई है। धरातल पर हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि पूरे दिन और रात मिलाकर महज दो से चार (2 से 4) घंटे ही बिजली नसीब हो पा रही है।
ग्रामीणों ने बताया:
“एक तरफ आसमान से आग बरस रही है, चिलचिलाती धूप और गर्म हवाएं (लू) चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तपती गर्मी और उमस भरे मौसम में बिजली की लगातार जारी आंख-मिचौली ने आम जनता की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है। दिन में लू के थपेड़े और रात में घंटों की जा रही अघोषित बिजली कटौती ने आम लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।”
कूलर-पंखे बने शो-पीस; बिजली गुल होने से अब पानी के लिए मची त्राहि-त्राहि
ग्रिड पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस महा-संकट को लेकर कनिष्ठ अभियंताओं से लेकर वरीय पदाधिकारियों तक कई बार लिखित और मौखिक शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। केवल खोखले आश्वासन देकर उपभोक्ताओं को टाल दिया जाता है।
बिजली न रहने के कारण हंटरगंज क्षेत्र में स्थिति गंभीर रूप ले चुकी है:
घरेलू उपकरण ठप: भीषण तपिश के बावजूद घरों में लगे पंखे, कूलर और फ्रिज महज शो-पीस बनकर बंद पड़े हैं। उमस के कारण छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज रात भर सो नहीं पा रहे हैं।
पढ़ाई प्रभावित: रात के समय लगातार हो रही कटौती से छात्रों की पढ़ाई और परीक्षाओं की तैयारी पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
पेयजल का महा-संकट: स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि कई मोहल्लों में पानी की किल्लत भी गहरा गई है। बिजली न रहने के कारण घरों की पानी टंकियां सूखी हैं, मोटर और पंप नहीं चल पा रहे हैं, जिससे लोगों को बूंद-बूंद पानी भरने के लिए भी भीषण संघर्ष करना पड़ रहा है। लोग चापाकलों, नलों और अन्य वैकल्पिक साधनों से पानी की व्यवस्था करने को मजबूर हैं।
कड़क अल्टीमेटम— समाधान नहीं हुआ तो चक्का जाम और उग्र आंदोलन को विवश होगी जनता
ग्रिड परिसर में घंटों चले इस हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बाद गुस्साए उपभोक्ताओं ने चतरा जिला प्रशासन और बिजली विभाग के आला अधिकारियों को बेहद सख्त और कड़क लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि भीषण गर्मी के इस दौर में हंटरगंज प्रखंड की बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं किया गया और निर्दोष उपभोक्ताओं को २४ घंटे में कम से कम शेड्यूल के अनुसार बिजली नहीं दी गई, तो यह जनआक्रोश और उग्र रूप धारण करेगा।
आक्रोशित जनता ने ग्रिड पर तैनात कर्मियों को चेताया कि अगली बार वे पावर सब-स्टेशन का चक्का जाम करेंगे और सड़क पर उतरकर उग्र विधिक आंदोलन के लिए पूरी तरह बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी ऊर्जा विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी। फिलहाल, पूरे हंटरगंज प्रखंड में बिजली संकट को लेकर भारी आक्रोश और तनाव का माहौल बना हुआ है।























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