राहगीरों को काटना पड़ा लंबी दूरी का फेरा; सीओ और थाना की मुस्तैदी से शांत हुआ बवाल, 20 हजार की नकद सहायता व दोषी वाहन ब्लैकलिस्ट
सिमरिया (चतरा) | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले के सिमरिया-बगरा-राँची मुख्य मार्ग पर रविवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में घायल स्थानीय ग्रामीण की मौत के बाद कानून-व्यवस्था और जन-आक्रोश की एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो जाने से मर्माहत और उद्वेलित आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सिमरिया-बगरा रोड में बेलगड़ा के समीप बीच सड़क पर रखकर करीब 7 घंटे तक यातायात को पूरी तरह ठप रखा।
प्रशासनिक स्तर पर सीओ और थाना प्रभारी की मुस्तैदी, पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपये की तत्काल नकद आर्थिक सहायता दिलाने और दोषी चालक के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई के लिखित आश्वासन के बाद देर रात लगभग 12 बजे इस महा-जाम को पूरी तरह हटाया जा सका।
हजारीबाग अस्पताल में थमीं गोपाल पांडे की सांसें; शाम को शव आते ही फूटा गुस्सा
प्राप्त विदारक और जमीनी जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह बगरा के समीप हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में बेलगड़ा ग्राम निवासी गोपाल पांडे गंभीर रूप से कुचलकर घायल हो गए थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से उन्हें सिमरिया रेफरल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। परंतु, उनकी नाजुक और चिंताजनक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए तत्काल हजारीबाग सदर अस्पताल रेफर कर दिया था। वहाँ जिंदगी और मौत के बीच चले संघर्ष में इलाज के दौरान गोपाल पांडे ने दम तोड़ दिया।
रविवार शाम करीब 5 बजे जैसे ही मृतक का शव पोस्टमार्टम (अंत्यपरीक्षण) की विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद वापस उनके पैतृक गांव बेलगड़ा पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों का धैर्य पूरी तरह टूट गया और उनका गुस्सा फूट पड़ा।
शाम 5 से रात 12 बजे तक लगा रहा महा-जाम; रेंगते रहे राहगीर
आक्रोशित ग्रामीणों ने उचित सरकारी मुआवजे और हत्यारे चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शाम 5 बजे बेलगड्डा के पास शव को मुख्य राँची मार्ग पर रखकर विधिक चक्काजाम कर दिया। देखते ही देखते इस व्यस्ततम मुख्य मार्ग पर दोनों ओर ट्रकों, बसों, यात्री वाहनों और एम्बुलेंसों की कई किलोमीटर लंबी डरावनी कतारें लग गईं।
घंटों जाम में फंसे रहने के कारण छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं और राहगीरों को इस उमस भरी रात में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राँची और चतरा की ओर जाने वाले कई हल्के वाहनों को मजबूरी में कई किलोमीटर लंबी दूरी का फेरा (डाइवर्जन) लगाकर अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा। करीब 7 घंटे तक इस लाइफलाइन मार्ग पर परिचालन पूरी तरह से ठप और बाधित रहा।
सीओ गौरव कुमार राय और थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह ने कराया लिखित समझौता
मामले की भयावहता और बढ़ते तनाव को देखते हुए सिमरिया अंचलाधिकारी (CO) गौरव कुमार राय और सिमरिया थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह भारी पुलिस बल और सशस्त्र जवानों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने उग्र ग्रामीणों और परिजनों के साथ कई दौर की विधिक वार्ता की और उन्हें कानून हाथ में न लेने की कड़क समझाइश दी।
लंबी वार्ता के बाद प्रशासन ने धरातल पर निम्नलिखित त्वरित और कड़क फैसले लिए:
नकद सहायता: दुर्घटना में संलिप्त वाहन मालिक की ओर से पीड़ित परिवार को मौके पर ही 20,000 रुपये की नकद आर्थिक सहायता राशि तुरंत विधिक रूप से दिलाई गई।
सरकारी मुआवजा: बीमा कंपनी (Insurance Company) से मिलने वाली मुख्य विधिक मुआवजा राशि को जल्द से जल्द पास कराने की विधिक प्रक्रिया ऑन-स्पॉट शुरू की गई।
वाहन ब्लैकलिस्ट: दुर्घटना के लिए जिम्मेदार हत्यारे वाहन को परिवहन विभाग के पोर्टल पर ‘लाइफटाइम ब्लैकलिस्ट’ (हमेशा के लिए प्रतिबंधित) करने की आधिकारिक घोषणा की गई।
लाइसेंस रद्दीकरण: दोषी चालक का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) स्थायी रूप से रद्द करने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) को पत्र लिखने की विधिक प्रक्रिया शुरू की गई।
प्रशासनिक अधिकारियों के इस बेहद ठोस, प्रामाणिक आश्वासन और त्वरित विधिक कार्रवाई के बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए। रात लगभग 12 बजे सड़क से शव को हटाकर जाम मुक्त कराया गया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों ओर फंसे वाहनों को धीरे-धीरे निकालकर यातायात को दोबारा सामान्य कराया।






















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