कार्यालय की कार्यप्रणाली, हाजिरी और लंबित फाइलों का उपायुक्त ने लिया ऑन-स्पॉट जायजा। मनरेगा, बिरसा कूप और हरित ग्राम योजनाओं की समीक्षा; वेंडरों के लंबित भुगतान तुरंत निपटाने के कड़े निर्देश, बीडीओ व सीओ रहे मुस्तैद
कान्हाचट्टी (चतरा) | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को चाक-चौबंद करने, भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगाने और सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों की भोली-भाली जनता को त्वरित विधिक न्याय दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में सोमवार को चतरा के उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी रवि आनंद ने बिना किसी पूर्व सूचना के कान्हाचट्टी प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय का अचानक औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) कर समूचे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने दफ्तर की हाजिरी पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर), फाइलों के रख-रखाव, साफ-सफाई और विभिन्न काउंटरों पर संचालित कार्यों की कड़ाई से समीक्षा की। डीसी ने ऑन-स्पॉट बीडीओ और सीओ को दोटूक हिदायत दी कि दफ्तरों में दलाली और ढुलमुल रवैया किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हाजिरी से लेकर फाइलों की कोडिंग तक की जांच; लंबित मामलों पर जताई नाराजगी
उपायुक्त रवि आनंद ने कान्हाचट्टी कार्यालय परिसर में दाखिल होते ही सबसे पहले विभिन्न विभागों के अभिलेखों के संधारण (मुकम्मल रिकॉर्ड), संचिकाओं के विधिक रख-रखाव तथा महीनों से धूल फांक रहे लंबित मामलों की वास्तविक स्थिति का कड़ा जायजा लिया।
उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सुनील प्रकाश एवं अंचल अधिकारी (CO) मनोज गोप को सख्त लहजे में निर्देश जारी किए:
“सभी सरकारी दस्तावेजों और पंजियों का नियमित व पारदर्शी संधारण सुनिश्चित करें। कार्यालय व्यवस्था को पूरी तरह सुव्यवस्थित बनाए रखें, ताकि जनता को अपने ही दस्तावेजों के लिए बाबुओं के चक्कर न काटने पड़ें।”
मनरेगा के भुगतान अटके तो खैर नहीं; बिरसा कूप और दीदी बाड़ी योजना की कड़क समीक्षा
ग्रामीणों को सीधे रोजगार देने वाली महत्वाकांक्षी योजनाओं पर बल देते हुए उपायुक्त ने मनरेगा (MGNREGA) के अंतर्गत संचालित:
बिरसा हरित ग्राम योजना
बिरसा सिंचाई कूप संवर्द्धन योजना
दीदी बाड़ी योजना
पशु शेड निर्माण, डोभा निर्माण, मेढ़बंदी एवं तालाब जीर्णोद्धार
इन सभी जनकल्याणकारी विकास योजनाओं की वित्तीय और भौतिक प्रगति की फाइलें खंगालीं। डीसी ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण गुणवत्ता एवं विधिक पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने बीडीओ सुनील प्रकाश को कड़े निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक योग्य ग्रामीणों को रोजगार और योजनाओं से आच्छादित किया जाए।
इसके साथ ही, डीसी ने मनरेगा व अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े आपूर्तिकर्ताओं (वेंडर्स) के लंबित भुगतान (Pending Payments) की कड़ाई से समीक्षा की और निर्देश दिया कि सभी वैध लंबित भुगतानों का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन किया जाए, ताकि फंड की कमी से विकास कार्य बाधित न हों।
भीषण गर्मी में जनता के लिए सजे प्याऊ; बाबुओं को ईमानदारी से काम करने की नसीहत
उपायुक्त ने कार्यालय में तैनात सभी क्लर्कों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी कर्मी निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित होकर अपने विधिक दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ करें।
उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा:
“दूर-दराज के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से गरीब आमजन भारी उम्मीदों और अपेक्षाओं के साथ प्रखंड एवं अंचल कार्यालय पहुंचते हैं। इसलिए उनकी समस्याओं का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ ऑन-स्पॉट निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। वर्तमान भीषण गर्मी और रिकॉर्ड बढ़ते तापमान को देखते हुए कार्यालय परिसर में स्वच्छ पेयजल (प्याऊ), साफ-सफाई और आमजनों के बैठने के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं नियमित रूप से संचालित रहें।”
ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठे डीसी; बोले— “अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता”
इस औचक निरीक्षण की सबसे कड़क और सराहनीय बानगी तब देखने को मिली, जब उपायुक्त रवि आनंद स्वयं दफ्तर से बाहर निकलकर परिसर के पेड़ों की छांव में बैठे ग्रामीणों के बीच सीधे पहुंच गए। डीसी को अपने बीच पाकर सुदूर गांवों से आए ग्रामीण अत्यंत उत्साहित दिखे। उपायुक्त ने एक-एक कर लोगों के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके विधिक आवेदनों को खुद अपने हाथों में लिया।
उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश जारी किए:
“सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता के विधिक अधिकारों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लेटलतीफी को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। सुदूर क्षेत्रों से आने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए तथा जनता के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करें।”
इस औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से कान्हाचट्टी के बीडीओ सुनील प्रकाश, सीओ मनोज गोप सहित प्रखंड व अंचल कार्यालय के सभी राजस्व कर्मचारी, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी और सशस्त्र पुलिस बल के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ उपस्थित रहे।






















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