DC के निर्देश पर SDO ने की वार्ता; भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई, श्मशान घाट और सरकारी तालाब की जमीन बचाने का मिला भरोसा
📍 चतरा | न्यूज़ स्केल लाइव
चतरा में व्याप्त भ्रष्टाचार, लूटपाट और भू-माफियाओं के आतंक के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस (1 मई 2026) से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे 87 वर्षीय वयोवृद्ध झारखंड आंदोलनकारी लक्ष्मी कांत शुक्ला ने अपना धरना एक महीने के लिए स्थगित कर दिया है। चतरा उपायुक्त (DC) रवि आनंद के कड़े निर्देश के बाद प्रशासन हरकत में आया और वार्ता के बाद यह फैसला लिया गया। SDO, BDO और CO ने की वार्ता, मिला कार्रवाई का भरोसा हड़ताल समाप्त कराने के लिए चतरा अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) जहूर आलम की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय वार्ता हुई। इस दौरान चतरा सदर बीडीओ (BDO) हरिनाथ महतो और सदर अंचल अधिकारी (CO) अनिल कुमार भी मौजूद रहे। लंबी बातचीत के बाद प्रशासन ने आंदोलनकारी की सभी जायज मांगों पर त्वरित कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया है।
SDO जहूर आलम ने दिए ये सख्त निर्देश: एसडीओ ने श्री शुक्ला को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों का असर अगले एक महीने के अंदर धरातल पर दिखने लगेगा। उन्होंने अंचल अधिकारियों और संबंधित कर्मियों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं: नकल की कॉपी: केस के फाइनल फैसले के 15 दिनों के अंदर पार्टियों को नकल की कॉपी देना अनिवार्य होगा। पारदर्शिता: फाइनल फैसले से पहले नकल कॉपी से जुड़ा कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। स्टेटस रिपोर्ट: केस की ‘स्टेटस रिपोर्ट’ हर महीने के वर्किंग डे (कार्य दिवस) पर अनिवार्य रूप से नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाएगी। श्मशान की जमीन: एसडीओ ने स्पष्ट किया कि श्मशान घाट की जमीन पूरी तरह से सुरक्षित है और उस पर कोई अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आंदोलनकारी के गंभीर आरोप: ‘भू-माफियाओं ने बेच दिया सरकारी तालाब’ विदित हो कि 87 वर्षीय लक्ष्मी कांत शुक्ला सरकारी सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके प्रमुख आरोप बेहद गंभीर हैं: अनाज घोटाला: सरकारी अनाज गोदाम से करोड़ों रुपये का अनाज रहस्यमय तरीके से गायब है। सरकारी तालाब पर कब्जा: शहर के बीचों-बीच स्थित दो एकड़ दस डिसमिल (2.10 एकड़) सरकारी तालाब की जमीन को भू-माफियाओं ने धोखाधड़ी से कब्जा कर बेच दिया है। प्रशासन कोर्ट से केस जीतने के बाद भी जमीन को अतिक्रमण मुक्त नहीं करा पाया है। श्मशान घाट पर अतिक्रमण: सैकड़ों सालों से जिस भूमि का इस्तेमाल श्मशान घाट के रूप में हो रहा है, उस पर भू-माफियाओं द्वारा लगातार कब्जा किया जा रहा है और अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। प्रशासन के इस लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद अब देखना यह है कि अगले एक महीने में चतरा के भू-माफियाओं और भ्रष्ट सिस्टम पर कितनी लगाम कसी जाती है।





















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