WhatsApp Group Join Now

गुमला -झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश अनुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला अजीत कुमार सिंह के मार्गदर्शन में मंडल कारा, गुमला के मुलाकात परिसर में “मुलाकात विधिक सहायता हेल्पडेस्क” की स्थापना की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों के परिजनों को मुलाकात के दौरान आवश्यक विधिक जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराना है।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशों के आलोक में प्रारंभ की गई यह पहल उन परिवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी, जो अपने अधिकारों, कानूनी प्रक्रियाओं एवं उपलब्ध विधिक सहायता सेवाओं की जानकारी के अभाव में कठिनाइयों का सामना करते हैं।
हेल्पडेस्क पर पैरा लीगल वॉलंटियर्स, न्याय मित्र एवं डिफेंस काउंसिल के प्रतिनिधियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो प्रतिदिन मुलाकात के समय उपस्थित रहकर बंदियों के परिजनों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। कारा प्रशासन द्वारा हेल्पडेस्क संचालन हेतु आवश्यक स्थान एवं बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
“मुलाकात से न्याय तक” अभियान के अंतर्गत बंदियों के परिजनों को जमानत, केस की स्थिति, आवश्यक दस्तावेजों एवं अपील संबंधी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। पैरा लीगल वॉलंटियर्स एवं डिफेंस काउंसिल परिवारों और बंदियों के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करेंगे। साथ ही, मुलाकात स्थल पर जागरूकता अभियान चलाकर परिजनों को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता सेवाओं की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि वे न्याय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।
इस अवसर पर प्राधिकार के सचिव द्वारा मुलाकात स्थल एवं जेल परिसर का निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन एवं परिजनों के साथ व्यवहार संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुलाकात व्यवस्था को और अधिक सुचारू एवं पारदर्शी बनाया जाए, विधिक सहायता सेवाओं की दृश्यता बढ़ाई जाए तथा परिजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही नियमित निरीक्षण एवं डेटा संग्रह के माध्यम से व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार लाने पर भी बल दिया गया। नालसा द्वारा संचालित इस पहल का उद्देश्य केवल प्रशासनिक सुविधा प्रदान करना नहीं, बल्कि बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक जुड़ाव एवं न्याय तक प्रभावी पहुंच को सुदृढ़ करना भी है।
इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन से न्याय प्रणाली में पारदर्शिता, सहभागिता एवं संवेदनशीलता को बढ़ावा मिलेगा तथा समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी।



















Total Users : 947943
Total views : 2703226