ओडिशा के एक बैंक में हुई लूट की खबर देखकर रची थी हजारीबाग में डकैती की साजिश; मास्टरमाइंड सहित 3 कुख्यात गिरफ्तार, 20 लाख कैश और सोना बरामद।
झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही में दिनदहाड़े हुए करोड़ों के बैंक डकैती कांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया है । झारखंड पुलिस और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) के एक बड़े जॉइंट ऑपरेशन में अंतरराज्यीय (Interstate) बैंक लुटेरा गिरोह के सरगना समेत तीन कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है । इन अपराधियों के पास से बैंक से लूटा गया भारी मात्रा में कैश और सोना बरामद किया गया है । क्या था पूरा मामला? दिनांक 24 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 3:00 से 3:15 बजे के बीच बरही थाना क्षेत्र स्थित ‘बैंक ऑफ महाराष्ट्र’ की शाखा में 4 अज्ञात अपराधियों ने धावा बोला था । अपराधियों ने हथियार का भय दिखाकर बैंक कर्मियों को बंधक बनाया और 4,22,492 रुपये नकद के साथ-साथ गोल्ड सेफ में रखा 78 पैकेट (लगभग 3.987 किलोग्राम से 4 किलोग्राम) सोना लूट लिया था । लूटपाट के बाद सभी कर्मचारियों को स्ट्रॉन्ग रूम में बंद कर, बाहर से ताला लगाकर अपराधी दो पल्सर मोटरसाइकिलों से फरार हो गए थे ।
ऐसे बिछाया गया पुलिस का जाल घटना के तुरंत बाद हजारीबाग पुलिस ने एक एसआईटी (SIT) का गठन किया । सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस को पता चला कि घटना से पहले और घटना के दिन एक काले रंग की संदिग्ध स्कार्पियो (BR-01 HN-2024) से रेकी की गई थी । झारखंड पुलिस की टीम भेष बदलकर इस स्कार्पियो का पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंची । इसके बाद यूपी एसटीएफ से संपर्क किया गया और 1 मई 2026 को वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र (सिंहपुर, राजभर बस्ती) में घेराबंदी कर इस गाड़ी को पकड़ लिया गया ।
गिरफ्तार किए गए कुख्यात अपराधी: मो० अफजल (गैंग का सरगना): निवासी- नरहट, नवादा (बिहार) । कज सिंह उर्फ रौनक सिंह: निवासी- बनगाई, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) । सौरभ कुमार यादव उर्फ सोनु: निवासी- दोहरीघाट, मऊ (उत्तर प्रदेश) ।
पुलिस को क्या-क्या हुआ बरामद? गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने बड़ी रिकवरी की है: सोना: 912.22 ग्राम (अपराधियों ने बेचने के लिए सोने को गला दिया था) । कैश: 20 लाख रुपये नकद । वाहन: 1 स्कार्पियो गाड़ी (BR-01 HN-2024) और 2 पल्सर मोटरसाइकिलें (गया रेलवे स्टेशन की पार्किंग से बरामद) । मोबाइल: 6 मोबाइल फोन । ओडिशा की खबर देखकर आया था डकैती का आइडिया पूछताछ में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ। अपराधियों ने बताया कि उन्होंने न्यूज में देखा था कि ओडिशा के ‘बैंक ऑफ महाराष्ट्र’ में 8 किलोग्राम सोने की लूट हुई है । इसी खबर से प्रेरित होकर इस गैंग ने तय किया कि अगली घटना इसी बैंक की किसी शाखा में करनी है । इन्होंने ग्रामीण और कम भीड़-भाड़ वाले इलाके में स्थित बरही शाखा को निशाना बनाया, जहां सुरक्षा व्यवस्था कम थी । इससे पहले 17 अप्रैल 2026 को भी इन्होंने डकैती का प्लान बनाया था, लेकिन पुलिस की गश्त और चेकिंग देखकर ये लौट गए थे ।
जेल में बना गैंग, देश भर में मचा चुका है तबाही यह कोई मामूली गैंग नहीं है। सरगना मो० अफजल 2008 में एक कोयला व्यवसायी की हत्या के जुर्म में जेल गया था, जहां उसकी मुलाकात पंकज सिंह और अन्य अपराधियों से हुई । जेल से छूटने के बाद इन्होंने एक मजबूत गिरोह बना लिया ।
इस गैंग ने इससे पहले भी कई राज्यों में करोड़ों के सोने की लूट की बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है: 2013: मुथूट फाइनेंस, दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) – 36 किलोग्राम सोने की लूट । 2015: IIFL फाइनेंस, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) – 14 किलोग्राम सोने की लूट । 2019: IIFL फाइनेंस, रुड़की (उत्तराखंड) – लॉकर न खुलने पर 50 हजार की लूट । 2021: मण्णापुरम गोल्ड फाइनेंस, कोलकाता – 26 किलोग्राम सोने की लूट । 2021: आशीर्वाद गोल्ड लोन, गया (बिहार) – 2 किलोग्राम सोने की लूट । 2022: IIFL फाइनेंस, पटना (बिहार) – 8 किलोग्राम सोने की लूट । पुलिस के अनुसार, यह गैंग लूटे गए सोने को बेचकर जमीन, मकान और रियल एस्टेट में पैसा इन्वेस्ट करता है, जिसकी आगे जांच की जा रही है । सभी गिरफ्तार आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है ।
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