कथित टैक्स के नाम पर छोटे व्यवसायी परेशान, पत्रकार को देखकर भागा वसूलीबाज, स्थानीय लोगों ने निगम कर्मियों के लिए ‘ड्रेस कोड’ की उठाई मांग
देवघर (झारखंड), न्यूज स्केल: झारखंड के देवघर नगर निगम क्षेत्र में इन दिनों सड़क किनारे ठेला-खोमचा लगाकर और टोकरी में सामान बेचकर अपने परिवार का गुजर-बसर करने वाले छोटे व्यवसायी ‘अवैध टैक्स’ (कथित जजिया टैक्स) की वसूली से बेहद परेशान हैं। जहां एक तरफ पहले टोटो और ऑटो चालकों से अवैध वसूली की शिकायतें आम थीं, वहीं अब इस मनमानी का शिकार छोटे और गरीब रोजगार करने वाले लोग भी हो रहे हैं। अवैध वसूली का एक ऐसा ही ताजा मामला सोमवार को देवघर के स्टेशन रोड स्थित राज नारायण पुस्तकालय के समीप देखने को मिला। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक गरीब व्यक्ति अपने माथे पर टोकरी रखकर नींबू बेच रहा था। इसी दौरान टैक्स वसूली के नाम पर एक व्यक्ति वहां पहुंचा और उस गरीब नींबू विक्रेता से 100 रुपये की डिमांड कर दी।
बेचारा नींबू विक्रेता इतने पैसे देने में असमर्थ था और परेशान होकर वह वसूली करने वाले के हाथ-पैर जोड़ने लगा। इसी बीच, वहां से एक पत्रकार गुजर रहे थे। पत्रकार को वहां रुकता और मामला समझता देख, वसूली करने वाला व्यक्ति घबरा गया और बिना कुछ लिए वहां से खिसक गया। इस पूरी घटना को देखने वाले स्थानीय लोगों ने देवघर नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में कौन असली टैक्स वसूलने वाला है और कौन फर्जी, इसकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। लोगों ने मांग की है कि नगर निगम की ओर से अधिकृत टैक्स तहसीलदारों (वसूली करने वालों) के लिए एक निर्धारित ‘ड्रेस कोड’ और पहचान पत्र (ID Card) अनिवार्य किया जाए, ताकि गरीब लोग ठगी और अवैध वसूली का शिकार न हों।
बहरहाल, टैक्स वसूली के इस ‘जोड़-गणित’ और मनमानी से शहर के छोटे व्यवसायी त्रस्त हैं। आपको बता दें कि पूर्व में भी इस तरह की अराजकता और अवैध वसूली का एक वीडियो देवघर के पूर्व महापौर (Mayor) रवि राउत ने सोशल मीडिया पर डाला था और इस पर कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। लेकिन जमीनी हकीकत देखकर ऐसा लगता है कि इस दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, अन्यथा इस तरह सरेआम किसी गरीब से अवैध वसूली करने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पाता।




















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