*धर्मांतरण पर नए कानून की जरूरत नहीं, अल्पसंख्यकों को टारगेट किया जा रहा: सांसद सुखदेव भगत*
मौजूदा कानून पर्याप्त, भाजपा शासित राज्यों में नए नियमों पर उठाए सवाल
नई दिल्ली/लोहरदगाः लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने धर्मांतरण विरोधी कानूनों को लेकर केंद्र और भाजपा शासित राज्यों पर तीखा सवाल खड़ा किया है।उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश में पहले से ही ऐसे कानून मौजूद हैं, जो किसी भी व्यक्ति को दबाव या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने से रोकते हैं, ऐसे में नए कानून लाने की कोई आवश्यकता नहीं है। सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी पर दबाव डालकर उसका धर्मांतरण नहीं करवा सकता है, यह पहले से ही कानूनन अपराध है। इसके बावजूद लगातार नए कानून बनाए जा रहे हैं, जो कहीं न कहीं एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने का प्रयास प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, वहां धर्मांतरण विरोधी कानूनों को तेजी से लागू किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह प्रवृत्ति सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने के बजाय समाज में विभाजन पैदा कर सकती है।सांसद ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी आस्था और धर्म के पालन की स्वतंत्रता देता है। ऐसे में सरकारों को चाहिए कि वे मौजूदा कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, न कि नए कानूनों के जरिए अनावश्यक विवाद उत्पन्न करें। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के कानूनों से अल्पसंख्यक समुदायों में भय और असुरक्षा का माहौल बन सकता है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुकूल नहीं है। अंत में सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील करते हुए कहा कि वे समाज में भाईचारा और आपसी विश्वास बनाए रखने की दिशा में काम करें, ताकि देश की एकता और अखंडता मजबूत हो।






















Total Users : 856402
Total views : 2575443