“मुआवजे के नाम पर रिश्वत का खेल… और जैसे ही पैसे हाथ में आए, ACB की टीम ने दबोच लिया!”
देवघर। देवघर समाहरणालय परिसर स्थित जिला भू-अर्जन कार्यालय में शुक्रवार दोपहर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने छापेमारी कर दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई दुमका एसीबी के डीएसपी मोनू टुडू के नेतृत्व में की गई। एसीबी की टीम ने देवघर रिंग रोड परियोजना से जुड़े जमीन मुआवजा मामले में भू-अर्जन कार्यालय के प्रधान लिपिक निरंजन कुमार और अनुसेवक नुनुदेव यादव को 20 हजार रुपये घूस लेते हुए गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर दोनों आरोपितों को एसीबी की टीम अपने साथ दुमका ले गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार कुंडा थाना क्षेत्र के गौरीपुर निवासी ब्रह्मदेव यादव की जमीन देवघर रिंग रोड निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई है। इस जमीन के बदले उन्हें मुआवजा मिलना था। आरोप है कि मुआवजा दिलाने के एवज में उनसे 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।
ब्रह्मदेव यादव ने इस मामले की शिकायत एसीबी दुमका से की थी। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर एसीबी की लगभग एक दर्जन अधिकारियों और कर्मियों की टीम ने देवघर के भू-अर्जन कार्यालय में छापेमारी कर दोनों आरोपितों को रंगेहाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है। एसीबी अधिकारियों ने कहा कि रिश्वतखोरी के मामलों में आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।




















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