चतरा। चतरा जिले के इटखोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत पीतीज उपस्वास्थ्य केंद्र से महज लगभग 100 मीटर की दूरी पर गुरुवार को एक नवजात शिशु का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
बताया जाता है कि गुरुवार सुबह एक स्थानीय ग्रामीण महिला की नजर नवजात शिशु के शव पर पड़ी, जिसके बाद उसने शोर मचाया। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नवजात शिशु के शरीर से नाल भी जुड़ी हुई थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि जन्म के तुरंत बाद ही उसे यहां फेंक दिया गया होगा। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस को मामले की जानकारी दे दी गई है। पुलिस के पहुंचने के बाद शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है और मामले की जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिले में समय-समय पर इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन इन्हें रोकने के लिए प्रभावी स्तर पर कोई ठोस पहल नजर नहीं आती। ग्रामीणों ने जिला बाल संरक्षण इकाई की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बाल संरक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाने का दावा किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सही तरीके से जागरूकता अभियान चलाए जाएं और समाज में समय-समय पर संवाद स्थापित किया जाए, तो इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात शिशु को यहां किसने और किन परिस्थितियों में फेंका।





















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