रामनवमी से पहले झारखंड की राजनीति गरमा गई है। शोभा यात्रा में डीजे बजाने पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद ने सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने इसे आस्था और परंपरा के खिलाफ बताते हुए विधानसभा परिसर में धरना दिया और फैसले पर तुरंत पुनर्विचार की मांग की।
रांची/हजारीबाग। झारखंड में रामनवमी के अवसर पर शोभा यात्रा में डीजे बजाने पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने राज्य सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस निर्णय को धार्मिक परंपराओं और लोगों की आस्था के विरुद्ध बताते हुए उन्होंने झारखंड विधानसभा परिसर में सदन के बाहर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया।
विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि रामनवमी केवल एक पर्व नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की गहरी आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। विशेष रूप से हजारीबाग की रामनवमी देशभर में अपनी भव्यता, अनुशासन और ऐतिहासिक परंपरा के लिए जानी जाती है। हर वर्ष यहां निकलने वाली भव्य शोभा यात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं और पूरा शहर भक्ति और उत्साह से सराबोर हो जाता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे पावन अवसर पर डीजे बजाने पर रोक लगाना न केवल अनुचित है, बल्कि यह सीधे-सीधे लोगों की धार्मिक भावनाओं और परंपराओं के साथ खिलवाड़ है। विधायक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार हिंदू पर्वों और परंपराओं के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
विधायक ने यह भी मांग की कि हजारीबाग में आयोजित होने वाले ख्याति प्राप्त इंटरनेशनल श्री चैत्र रामनवमी महोत्सव को राज्य सरकार की ओर से राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया जाए। साथ ही उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की कि रामनवमी जुलूसों में परंपरा के अनुसार डीजे बजाने की अनुमति दी जाए, ताकि श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुरूप उत्सव मना सकें।
प्रदीप प्रसाद ने कहा कि प्रशासन को जनता की धार्मिक भावनाओं और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करना चाहिए और इस फैसले पर तत्काल पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया, तब भी हजारीबाग में रामनवमी के अवसर पर परंपरा के अनुसार डीजे बजाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रामनवमी का पर्व सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और धार्मिक आस्था का प्रतीक है और इस पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक प्रतिबंध स्वीकार नहीं किया जाएगा।





















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