चतरा। जिले के कुंदा थाना क्षेत्र के तिलसरैया, अनगड्डा, कुसुमटांड़, चूरकी, डांडू, रगैनीयातरी, उलवार, बाचकुम, सिंदरी और कोड़हास समेत दर्जनों गांवों में अफीम माफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर पोस्ता की खेती किए जाने और उससे अफीम निकालने में सफलता मिलने की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है। हालांकि पुलिस द्वारा पोस्ता विनष्टीकरण को लेकर अभियान चलाया जा रहा था, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह कहा जा रहा है कि माफियाओं के सामने पुलिस की कार्रवाई प्रभावी साबित नहीं हो सकी। सूत्रों के अनुसार कई स्थानों पर कई एकड़ भूमि पर पोस्ता की खेती की गई थी और समय रहते कार्रवाई नहीं होने के कारण माफिया फसल से अफीम निकालने में सफल हो गए। बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा विनष्टीकरण अभियान भी चलाया जा रहा है, लेकिन इसमें विलंब होने के कारण माफियाओं को मौका मिल गया। इस मामले को लेकर क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि संबंधित बिट के चौकीदार की संलिप्तता हो सकती है। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। गौरतलब है कि इससे पहले पुलिस अधिकारियों द्वारा गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर पोस्ता की खेती नहीं करने की अपील की गई थी और कहीं भी ऐसी खेती होने की सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को जानकारी देने को कहा गया था। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर पोस्ता की खेती होने की चर्चा कई सवाल खड़े कर रही है। इस मामले को लेकर चतरा विधायक जनार्दन पासवान ने भी विधानसभा में आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि पोस्ता की खेती के विनष्टीकरण में कहीं-कहीं बिट चौकीदारों की संलिप्तता की शिकायतें मिलती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी कर्मी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेकर जांच करता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
बड़े पैमाने पर पोस्ता की खेती की चर्चा, पुलिस अभियान के बावजूद अफीम माफियाओं के सक्रिय होने की आशंका

On: March 9, 2026 10:52 PM

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