
इटखोरी (चतरा)। 21 फरवरी को आयोजित राजकीय इटखोरी महोत्सव 2026 की अंतिम संध्या सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रही। शनिवार की शाम एक से बढ़कर एक कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुति देकर दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। सायंकालीन कार्यक्रम की शुरुआत साक्षी प्रिया दुबे ने गीत-संगीत की मधुर प्रस्तुति से की। इसके बाद गोण्ड नृत्य तथा सुखराम पाहन एवं दल द्वारा प्रस्तुत मुण्डारी नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। डॉ. मृनालिनी अखौरी (भोजपुरी गायिका) ने मंच पर पुनः आमंत्रण के लिए जिला प्रशासन का आभार जताते हुए “चांदी जैसा रंग है तेरा”, “तेरे रश्के कमर” सहित कई लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। समयाभाव के कारण वे अपना एक और सूफी गीत प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इसके पश्चात तमिलनाडु के कलाकारों ने भरतनाट्यम एवं थापाट्टम की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। बॉलीवुड गायक रवि त्रिपाठी ने “जय हो भद्रकाली” से शुरुआत कर “तू पास है” सहित कई चर्चित गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। किस्सू राहुल टीम के बॉलीवुड डांस ने भी खूब तालियां बटोरीं। मंदिर रैयत संघ अध्यक्ष संतोष सोनी की भतीजी सांभवी सोनी ने नरसिंह आरती गाकर भक्तिमय माहौल बना दिया। तीनों धर्मों सनातन, बौद्ध एवं जैनकृकी थीम पर आधारित फैशन शो ने “विविधता में एकता” का संदेश प्रस्तुत किया। रात्रि में सुप्रसिद्ध भोजपुरी गायिका कल्पना पटवारी ने “ओम जयंती मंगला काली”, “केलवा जो फरेला”, “हमार जियरा डोले”, “सिया निकले अवधवा की ओर” जैसे गीतों से देर रात तक समा बांधे रखा। दर्शक रात तक उनकी प्रस्तुति सुनने के लिए जमे रहे। कार्यक्रम में उपस्थित कलाकारों को विधायक उज्ज्वल कुमार दास, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, जिप अध्यक्ष ममता देवी, जिप उपाध्यक्ष ब्रज किशोर तिवारी, उपायुक्त कीर्तिश्री, पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल, एसी अरविंद कुमार एवं एसडीओ जहूर आलम ने संयुक्त रूप से मोमेंटो देकर सम्मानित किया। जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हालांकि कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आयोजन के दौरान उपेक्षा की शिकायत भी जताई। इटखोरी महोत्सव 2026 की यह अंतिम संध्या सांस्कृतिक विविधता, लोकधरोहर और आध्यात्मिक एकता का भव्य उदाहरण बनकर इतिहास में दर्ज हो गई।






















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