
गुमला। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित मानव–वन्यजीव संघर्ष पीड़ितों को न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने की योजना के तहत जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुमला (डालसा) के तत्वावधान में संपन्न हुआ। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा ध्रुवचंद्र मिश्र एवं सचिव रामकुमार लाल गुप्ता के निर्देशानुसार अधिकार मित्र (पीएलवी) राजेश सिंह, प्रेम कुमार साह व टीम के अन्य सदस्यों ने गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को मानव–वन्यजीव संघर्ष से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
अधिकार मित्रों ने बताया कि जंगली जानवरों के हमले से जनहानि, फसल क्षति या संपत्ति नुकसान की स्थिति में पीड़ित परिवार सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा पाने के हकदार हैं। साथ ही ऐसे मामलों में नि:शुल्क विधिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। ग्रामीणों को आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज तथा संबंधित विभागों से संपर्क की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान नालसा द्वारा जारी टोल फ्री नंबर 15100 की भी जानकारी दी गई और कहा गया कि किसी भी घटना की सूचना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या वन विभाग कार्यालय को दी जा सकती है।
स्थायी लोक अदालत के सदस्य शंभू सिंह ने कहा कि हाथी समेत अन्य वन्य प्राणियों द्वारा फसल या मकान को नुकसान पहुंचाने पर सरकार द्वारा क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। एलएडीसी श्री जितेंद्र सिंह ने भी पीड़ितों से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन करने की अपील की। कार्यक्रम में इंदु पांडे, पैनल लॉयर भूपेंद्र, साधना कुमारी, डालसा के प्रकाश पांडे, अधिकार मित्र जोसेफ किंडो, विष्णु रौतिया, सुखदेव गोप सहित अन्य लोग उपस्थित थे। ग्रामीणों ने इस जागरूकता अभियान को अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की।




















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