
इटखोरी (चतरा)। राजकीय इटखोरी महोत्सव 2026 के अंतर्गत 20 फरवरी को मां भद्रकाली मंदिर परिसर में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चतरा महाविद्यालय, लाला प्रीतम बीएड कॉलेज एवं भद्रकाली कॉलेज के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगोष्ठी में उपायुक्त कीर्तिश्री जी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को इटखोरी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत से परिचित कराना था। इस अवसर पर निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने इटखोरी क्षेत्र से प्राप्त मूर्तियों एवं स्थापत्य अवशेषों के ऐतिहासिक महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने शोधपरक दृष्टिकोण के साथ क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को रेखांकित किया। संगोष्ठी में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से अर्पिता रंजन (सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद्, नई दिल्ली) एवं नीरज मिश्रा (सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद्, रांची मंडल) ने इटखोरी के पुरातात्विक महत्व एवं प्राचीन इतिहास पर विस्तृत व्याख्यान दिया। वक्ताओं ने क्षेत्र में प्राप्त प्राचीन मूर्तिकला एवं स्थापत्य अवशेषों को झारखंड की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बताया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जागरूकता एवं प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आमजन एवं विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं तथा ऐतिहासिक तथ्यों की समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। संगोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों में इटखोरी की विरासत के प्रति जागरूकता और गर्व की भावना और सशक्त हुई।




















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