
गिद्धौर (चतरा)। गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत द्वारी पंचायत में मनरेगा के तहत संचालित योजनाओं में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मजदूरों को रोजगार देने के बजाय योजनाओं में जेसीबी मशीन का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है, जिससे मजदूरों का हक प्रभावित हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, पंचायत में मनरेगा से चल रही कई योजनाओं में मशीनों के जरिए कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार सेवक एवं संबंधित कर्मियों की मिलीभगत से बिचौलियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि जरूरतमंद मजदूर काम के लिए भटक रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि एक ओर सरकार 100 दिनों की रोजगार गारंटी की बात करती है, वहीं दूसरी ओर मशीनों से कार्य कराकर मजदूरों को वंचित किया जा रहा है। आरोप है कि जब योजनाओं का लाभ लेने की मांग की जाती है तो प्रक्रिया को जटिल बताते हुए जिला, प्रखंड एवं मुखिया स्तर से स्वीकृति का हवाला दिया जाता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि मजदूरों को उनका अधिकार मिल सके।






















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