
छह साल की मासूम के साथ हुई दरिंदगी के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। लंबे न्यायिक प्रक्रिया के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। यह निर्णय न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की उम्मीद जगाता है, बल्कि समाज को भी स्पष्ट संदेश देता है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सरायकेला में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाशंकर सिंह की अदालत ने छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी मो. कुर्बान को दोषी ठहराया। अदालत ने Protection of Children from Sexual Offences Act (पॉक्सो एक्ट) के तहत आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला कपाली ओपी क्षेत्र अंतर्गत चांडिल थाना की झोपड़ी बस्ती हांसाडूंगरी से जुड़ा है। पीड़िता की मां ने 17 मार्च 2021 को आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 16 मार्च 2021 की सुबह बच्ची घर से खेलने के लिए निकली थी। कुछ समय बाद बस्ती के एक युवक ने बच्ची को बेहोशी की हालत में घर पहुंचाया। उसके कपड़ों पर खून के निशान थे, जिसके बाद परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
यह फैसला समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कानून की गंभीरता को दर्शाता है। पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त सजा यह संकेत देती है कि मासूमों के खिलाफ अपराध पर न्यायपालिका किसी तरह की नरमी नहीं बरतती। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार की सूचना तुरंत 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) या स्थानीय पुलिस को दें।





















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