
पांच साल पहले की वह खौफनाक रात, जब एक ही परिवार के तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। लंबे इंतजार के बाद अब इस बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। एडीजे-वन की अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए उसे तीनों हत्याओं का जिम्मेदार माना है। अब सजा के बिंदु पर 18 फरवरी को सुनवाई होगी।
गुमला। पांच साल पहले 25 सितंबर 2021 की वह खौफनाक रात आज भी ग्रामीणों के जेहन में जिंदा है। तीन लोगों की निर्मम हत्या से दहल उठे गुमला जिले को आखिरकार न्याय की दिशा में बड़ा कदम मिला है। एडीजे-वन की अदालत ने बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर कांड में आरोपी विपता उरांव को दोषी करार दिया है। फैसला जस्टिस प्रेम शंकर की अदालत ने सुनाया। अब सजा के बिंदु पर 18 फरवरी को सुनवाई होगी।
25 सितंबर 2021 की रात करीब आठ बजे सिकंदर कुजूर को फोन पर सूचना मिली कि उसकी मौसी बसमनी देवी के घर में मारपीट हो रही है। जब वह गांव पहुंचा तो सामने खून से सना भयावह मंजर था।आरोपी विपता उरांव ने लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर बसमनी देवी, सोमारी देवी (55 वर्ष) और बंधन उरांव (60 वर्ष) की बेरहमी से हत्या कर दी थी। घर का आंगन खून से लथपथ था और पूरे गांव में दहशत फैल गई थी। ग्रामीणों के अनुसार, वारदात के दौरान आरोपी चिल्ला रहा था कि जब वह बाहर कमाने गया था, तब उसकी तबीयत खराब करने के लिए यही लोग जिम्मेदार थे। इसी कथित रंजिश में उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान कई अहम साक्ष्य जुटाए गए। अदालत में चली लंबी सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से लोक अभियोजक अजय कुमार रजक ने गवाहों और चिकित्सीय रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर मजबूत पैरवी की। अदालत ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों को ध्यान में रखते हुए विपता उरांव को दोषी ठहराया।




















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