झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चतरा जिले के जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध एसीबी की सख्ती और सतर्कता को दर्शाती है। एसीबी ने मंगलवार को जिला आयुष कार्यालय, चतरा में पदस्थापित डॉ. राम प्रकाश वर्मा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। जानकारी के अनुसार, टंडवा में पदस्थापित आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य चिकित्सक पदाधिकारी डॉ. प्रिया कुमारी से दिसंबर और जनवरी माह के मानदेय भुगतान के एवज में यह रिश्वत मांगी जा रही थी।
बताया गया कि लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण डॉ. प्रिया कुमारी लगातार परेशान थीं और भुगतान जारी करने के नाम पर उनसे रुपये की मांग की जा रही थी। इससे तंग आकर उन्होंने एसीबी हजारीबाग कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी द्वारा पहले सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
इसके बाद एसीबी की ट्रैप टीम गठित कर पूर्व नियोजित योजना के तहत कार्रवाई की गई। दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में डॉ. राम प्रकाश वर्मा को रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अधिकारी मूल रूप से खूंटी जिला के निवासी बताए जा रहे हैं और उन्होंने 16 अगस्त 2023 को जिला आयुष पदाधिकारी, चतरा के पद पर योगदान दिया था। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम उन्हें हजारीबाग ले गई, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बुंडू में ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर 25 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार
वहीं, एसीबी रांची की टीम ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए बुंडू प्रखंड के ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर जगरनाथ गोप को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी पेयजल एवं स्वच्छता अवर प्रमंडल, बुंडू के सहायक अभियंता कार्यालय से की गई। एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता शाहिद रजा, निवासी हसनटोला गांव, पश्चिम नारायण टोला, राजमहल थाना क्षेत्र (साहिबगंज), ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि जल एवं स्वच्छ भारत मिशन के तहत बुंडू प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में लगभग 169 नाडेप सोकपीट का निर्माण कराया गया था। इसके भुगतान के एवज में ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर जगरनाथ गोप द्वारा 1 लाख 81 हजार 475 रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत की सत्यता जांचने के बाद एसीबी ने आरोप सही पाया और एसीबी थाना कांड संख्या 04/2026 के तहत मामला दर्ज किया। इसके अगले ही दिन ट्रैप कार्रवाई करते हुए जगरनाथ गोप को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एसीबी द्वारा मामले की आगे की जांच जारी है। एसीबी की इन लगातार कार्रवाइयों से स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



















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