सिमरिया (चतरा)। चतरा अनुमंडल के उपरांत सिमरिया अनुमंडल में भी समाज से सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन एवं बाल विवाह मुक्त झारखण्ड के लक्ष्य को साकार करने हेतु अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला क्प्म्ज् परिसर, सिमरिया में आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिप अध्यक्ष एवं विशिष्ट अतिथि जिप उपाध्यक्ष बृजकिशोर तिवारी, अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया महेश्वरी प्रसाद यादव, डीएसपी चतरा, जिला शिक्षा अधीक्षक चतरा तथा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी सिमरिया द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर महिला पर्यवेक्षिकाओं द्वारा अतिथियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया, जबकि जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया। कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेणु रवि ने बताया कि बाल विवाह के उन्मूलन हेतु केंद्र सरकार द्वारा 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाह के लिए बालिकाओं की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा बालकों की 21 वर्ष निर्धारित है और इससे कम आयु में विवाह कराना कानूनन अपराध है। साथ ही बाल विवाह एवं डायन कुप्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि जिप अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय कम उम्र में विवाह को सामाजिक परंपरा माना जाता था, लेकिन आज समाज तेजी से जागरूक हो रहा है। वहीं जिप उपाध्यक्ष ने कहा कि बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों का अंत अब केवल संकल्प नहीं, बल्कि निश्चित परिणाम है। आज बेटियाँ शिक्षा, खेल, प्रशासन सहित हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है। अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि समाज के सभी वर्गों के सामूहिक प्रयास से ही चतरा जिला बाल विवाह मुक्त बन सकता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एवं डायन प्रथा न केवल सामाजिक कुरीतियाँ हैं, बल्कि दंडनीय अपराध भी हैं, और हमारा उद्देश्य कानून के भय से नहीं बल्कि शिक्षा एवं जागरूकता से समाज में परिवर्तन लाना है। कार्यशाला में राज्य से प्रतिनियुक्त रिसोर्स पर्सन प्रियंका रानी द्वारा बाल विवाह एवं डायन प्रथा से जुड़े कानूनी प्रावधानों तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी पीपीटी एवं वीडियो क्लिप के माध्यम से दी गई। इस अवसर पर सभी बीडीओ, सीओ, बीईओ, सीडीपीओ, मुखियागण, जिला परियोजना सहयोगी, आंगनवाड़ी सेविकाएं, शिक्षकगण, स्वयं सहायता समूह की सदस्य, सहिया दीदी तथा जिला समाज कल्याण विभाग के कर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
बाल विवाह उन्मूलन को लेकर अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला संपन्न

On: January 17, 2026 9:35 PM

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