एक 28 साल का युवक… जिसके सामने पूरी जिंदगी पड़ी थी… लेकिन अंदर ही अंदर चल रहे संघर्ष ने उसे इतना तोड़ दिया कि उसने मौत को गले लगा लिया। सुबह जब लोगों को कुएं से उसका शव मिला, तो हर कोई स्तब्ध रह गया। पीछे छूट गया एक सुसाइड नोट… जिसमें उसने लिखा कि उसके इस कदम के लिए किसी और को जिम्मेदार न ठहराया जाए। कभी प्रेम विवाह, फिर बढ़ता तनाव, और आखिरकार यह दर्दनाक फैसला… एक और घर का चिराग बुझ गया। कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं… बल्कि उस खामोश मानसिक पीड़ा की है, जो अक्सर दिखाई नहीं देती।
पाकुड़। हिरणपुर थाना क्षेत्र के हाथकाठी गांव में सोमवार अहले सुबह एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से इलाके में शोक की लहर है। मृतक की पहचान शुभंकर दास उर्फ बुबाई (28 वर्ष) के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक ने रस्सी के सहारे कुएं में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सोनाजोड़ी सदर अस्पताल भेज दिया।
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें युवक ने अपनी जिंदगी से परेशान होने की बात लिखी है। नोट में उसने यह भी उल्लेख किया है कि उसके इस कदम के लिए किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार न ठहराया जाए। पुलिस सुसाइड नोट की सत्यता और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शुभंकर दास ने कुछ वर्ष पूर्व प्रेम विवाह किया था। विवाह के कुछ समय बाद पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगे, जिसके बाद दोनों अलग रहने लगे थे। आशंका जताई जा रही है कि पारिवारिक तनाव के कारण वह मानसिक रूप से परेशान था। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।