“किसने सोचा था कि एक महिला सिपाही… पूरा पुलिस विभाग हिला देगी? जालौन के कुठौंद थाने में तैनात इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत अब एक दर्दनाक कहानी नहीं… एक सनसनीखेज रहस्य बन चुकी है। 3 दिन में 100 से ज्यादा वीडियो कॉल… रात में थाने पहुंची महिला सिपाही… और कुछ ही मिनटों में गोली चलने की आवाज। क्या यह आत्महत्या थी? क्या यह ब्लैकमेलिंग का दबाव था? या फिर यह एक सोची-समझी हत्या? जवाब कम हैं… सवाल ज्यादा। आईए, पूरी कहानी समझते हैं—इस रहस्यमयी मौत के पीछे छिपे सच की परत दर परत खोलते हैं।”
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कुठौंद थाना परिसर में तैनात इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय (52) की मौत अब कई नए सवाल खड़े कर रही है। मामला आत्महत्या, ब्लैकमेलिंग और संभव हत्या—इन तीनों एंगल पर उलझता जा रहा है। घटना के केंद्र में है महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा (28), जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
3 दिन में 100 से ज्यादा कॉल, वीडियो रिकॉर्डिंग की भी बात
सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर राय और मीनाक्षी के बीच घटना से पहले मात्र 72 घंटे में 100 से अधिक कॉल हुईं, जिनमें ज्यादातर वीडियो कॉल थे। कई कॉल की रिकॉर्डिंग मीनाक्षी के पास होने की जानकारी मिली है। यह भी सामने आया है कि घटना के दिन मीनाक्षी एक सिपाही के साथ मेरठ से जालौन पहुंची थी। पूछताछ में उसने बताया कि जब वह रात को इंस्पेक्टर के कमरे में पहुंची, तो वह पहले से घायल अवस्था में बिस्तर पर पड़े थे। लेकिन वह रात में वहां क्यों पहुंची—इस पर वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाई।
10 से ज्यादा पुलिस अफसरों से संपर्क, विभाग में हड़कंप
जांच में यह भी सामने आया है कि मीनाक्षी सिर्फ इंस्पेक्टर राय ही नहीं, बल्कि 10 से अधिक इंस्पेक्टर और दरोगा स्तर के पुलिसकर्मियों के संपर्क में थी। कॉल रिकॉर्ड्स मिलने के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है।
घटना का क्रम: 3 मिनट में सबकुछ
रात 9:17 बजे इंस्पेक्टर राय के कमरे से गोली चलने की आवाज आई।
मीनाक्षी बाहर भागकर बोली—“साहब ने खुद को गोली मार ली।”
इंस्पेक्टर बिस्तर पर खून से लथपथ मिले, सर्विस रिवॉल्वर पेट पर रखी थी।
शुरुआती दावा आत्महत्या का था, लेकिन परिवार ने हत्या का आरोप लगाया।
रविवार को मीनाक्षी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
कोर्ट में पेशी के दौरान उसके हावभाव में किसी तरह का पछतावा नहीं दिखा।
परिजनों का आरोप: यह हत्या है
इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने FIR में बताया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है—और इसके पीछे मीनाक्षी का हाथ है।
मीनाक्षी के परिवार का दावा
कोर्ट के बाहर पिता ने कहा: “लाली चिंता मत कर, हम छुड़वा लेंगे।” गौरतलब है कि मीनाक्षी की शादी फरवरी 2026 में तय थी।
जांच के तीन एंगल
ब्लैकमेलिंग का दबाव: मीनाक्षी पैसे मांग रही थी, तनाव में इंस्पेक्टर ने आत्महत्या कर ली।
घटना के वक्त कॉल पर बात: मीनाक्षी थाने में प्रवेश करते समय फोन पर थी।
हत्या का शक: गोली की बुलेट कमरे से नहीं मिली, सवाल और गहरे हो गए हैं।
ठाठ-बाट की जिंदगी और महंगा लाइफस्टाइल
मीनाक्षी के कमरे में AC, महंगा iPhone, और हाल ही में खरीदा गया 3 लाख रुपए का हार। चर्चा है कि कई महंगे सामान इंस्पेक्टर ने दिलवाए थे।
पीलीभीत का पुराना मामला: ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप
पूर्व में पीलीभीत में तैनात सिपाही मोहित खोखर ने आरोप लगाया था कि मीनाक्षी और उसके परिवार ने उसे प्रेमजाल में फंसाकर 25 लाख रुपये की मांग की थी। पैसे न देने पर 2022 में झूठा केस दर्ज करवाया गया। मोहित को दो महीने जेल में रहना पड़ा। उसका दावा है कि मीनाक्षी, उसके पिता और भाई मिलकर पुलिसकर्मियों को फंसाने और ब्लैकमेल करने का गिरोह चलाते हैं।
संपत्तियों की जांच भी शुरू
आरोप है कि ब्लैकमेलिंग से कमाई गई रकम से परिवार ने करोड़ों की संपत्ति खरीदी है। पुलिस की SIT इसकी भी पड़ताल कर रही है।
मीनाक्षी शर्मा सस्पेंड
सोमवार को जालौन के SP ने महिला सिपाही को निलंबित कर दिया। विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।



























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