पत्थलगड़ा (चतरा)। पत्थलगड़ा प्रखंड के नावाडीह अंतर्गत कुमकापर में चल रहा रेलवे निर्माण कार्य ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार लगभग तीन वर्ष पूर्व बने पुल के दोनों ओर करीब 50 फीट गहरी खाई मौजूद है, जिससे आवागमन बेहद असुरक्षित हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक इस खाई में एक युवक गिर भी चुका है, जिसे ग्रामीणों की तत्परता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन इस गंभीर समस्या पर अब तक मौन बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रेलवे निर्माण कार्य में मनमानी तरीके से काम कराया जा रहा है। बिना किसी सूचना या सहमति के कई महुआ के पेड़ उखाड़ दिए गए हैं। इतना ही नहीं, वर्षों से चली आ रही गैरमजरुआ जमीन तथा पेड़ों का अब तक कोई मुआवजा भी नहीं दिया गया है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार कोे कुमकापर में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी, जिस कारण अधिकांश ग्रामीण अंतिम संस्कार में व्यस्त थे। इसी दौरान मौके का फायदा उठाते हुए रेलवे अधिकारियों द्वारा महुआ के पेड़ों को उखाड़कर फेंक दिया गया। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि ऊपर से बात हो गई है। इस पूरे मामले को लेकर जब स्थानीय पत्रकार ने रेलवे के स्टाफ से बातचीत करने का प्रयास किया, तो किसी भी कर्मचारी ने कोई भी आधिकारिक बयान देने से इनकार कर दिया। रेलवे प्रशासन की इस कार्यशैली से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे जल्द ही आंदोलन की चेतावनी भी देने लगे हैं।
रेलवे कार्य बना ग्रामीणों के लिए खतरा, 50 फीट गहरी खाई से दहशत, बिना किसी सूचना या सहमति के उखाड़े गए कई महुआ पेड़, ़मुआवजे को लेकर भी उठे सवाल

On: December 5, 2025 9:25 PM

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