लोहरदगा जिले के किस्को थाना क्षेत्र में शनिवार को नाबालिग द्वारा अप्राकृतिक यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नाबालिग को हिरासत में लिया और लोहरदगा सदर अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
थाना प्रभारी मानस कुमार साधू ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बाल संरक्षण अधिनियम तथा संबंधित दंडात्मक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित का मेडिकल परीक्षण पूरा कर लिया गया है और घटना के अन्य पहलुओं की जांच भी जारी है। पुलिस के अनुसार पीड़ित परिवार को सुरक्षा और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिला बाल संरक्षण इकाई पर उठे सवाल—लाखों रुपये खर्च, पर लाभ नहीं पहुँच रहा पीड़ितों तक
इस घटना ने एक बार फिर जिला बाल संरक्षण इकाई की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर वर्ष लाखों रुपये बाल हिंसा, शोषण रोकथाम, जागरूकता कार्यक्रमों, सुरक्षा तंत्र और मानव संसाधन पर खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद जिले में ऐसी घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं, जो यह दर्शाती हैं कि— जागरूकता कार्यक्रमों का प्रभाव समाज के निचले स्तर तक नहीं पहुँच पा रहा

जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान और संरक्षण तंत्र पर्याप्त मजबूत नहीं
पीड़ित परिवारों को समय पर मनोवैज्ञानिक, कानूनी और सामाजिक सहायता नहीं मिल पा रही
प्रणालीगत कमजोरियाँ संवेदनशील मामलों को रोकने में असफल दिखती हैं
यह दुखद है कि सुरक्षा और जागरूकता पर भारी निवेश होने के बावजूद कई परिवार ऐसे अपराधों के शिकार होते हैं, जो बहुत पहले रोके जा सकते थे। जिले में पहले भी इसी प्रकार की कई घटनाएँ घट चुकी हैं, जो यह साबित करती हैं कि मौजूदा ढाँचा ज़मीनी स्तर पर प्रभावी साबित नहीं हो रहा।
जांच जारी, पुलिस सतर्क
पुलिस का कहना है कि मामला अत्यंत संवेदनशील है और सभी कानूनी प्रक्रियाएँ तेज गति से पूरी की जा रही हैं।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर आरोपी पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


















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