चतरा। झारखंड सरकार के निर्देशानुसार आमजनों को पेयजल संबंधी समस्याओं से राहत प्रदान करने हेतु जिले में 24 अप्रैल से 11 मई 2026 तक पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दूसरे दिन 25 अप्रैल को जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों में शिविर आयोजित कर समस्याओं के त्वरित निष्पादन की दिशा में कार्रवाई की गई।
शनिवार को चतरा प्रखंड के गंघरिया एवं ब्रह्मणा, गिद्धौर के बारीसाखी, हंटरगंज के औरु एवं बलुरी, प्रतापपुर के सिजुआ एवं हुंमाजांग, कुंदा के सिकिदाग, लावालौंग के सिलदाग, सिमरिया के डाड़ी एवं जबड़ा, इटखोरी के धूना एवं इटखोरी, मयूरहंड, कान्हाचट्टी के कैंडीनगर, पत्थलगड़ा के बरवाडीह तथा टंडवा के गाड़ीलौंग एवं नावाडीह (उर्फ तेलियाडीह) पंचायतों में शिविर लगाए गए। इसके अतिरिक्त नगर परिषद चतरा अंतर्गत वार्ड संख्या 03 एवं 04 (आश्रयगृह, डोमसिटवा) में भी शिविर आयोजित कर समस्याओं का निष्पादन किया गया। इसी क्रम में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त रवि आनंद ने पत्थलगड़ा प्रखंड के बरवाडीह पंचायत में आयोजित शिविर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम सभा में सहभागिता करते हुए कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि किसी भी गांव या पंचायत में पेयजल संकट के कारण आमजन परेशान न हों। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
ग्राम सभा के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने क्षेत्र में चेक डैम निर्माण की आवश्यकता बताई। ग्रामीणों ने कहा कि पत्थलगड़ा कृषि प्रधान क्षेत्र है और जल संकट के कारण किसानों को खेती में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस पर उपायुक्त ने प्रस्ताव को ग्राम सभा से पारित कर नियमानुसार अग्रसारित करने का निर्देश दिया। इसके बाद उपायुक्त ने लेंबोइया में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल द्वारा निर्मित जलमीनार का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि 11 गांवों में जलापूर्ति के उद्देश्य से बनी यह जलमीनार पिछले आठ वर्षों से बंद पड़ी है। ग्रामीणों ने बताया कि लेंबोइया नदी में जल की कमी के कारण जलमीनार तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। उपायुक्त ने नदी का भी निरीक्षण किया और स्थायी समाधान के लिए चेक डैम निर्माण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। इसके पश्चात उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय, पत्थलगड़ा का निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्था, कर्मियों की उपस्थिति एवं अभिलेखों की जांच की। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को समय पर कार्यालय पहुंचकर आमजनों की समस्याओं का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मैदानी स्तर पर तेज हुई मरम्मत कार्रवाई
पखवाड़ा के तहत शिकायतों के निष्पादन के साथ-साथ मैदानी स्तर पर खराब पड़े चापाकलों, जलमीनारों एवं अन्य पेयजल स्रोतों की मरम्मत भी युद्धस्तर पर जारी है। तकनीकी टीमों द्वारा मौके पर ही जांच कर चापाकलों की मरम्मत, पाइपलाइन सुधार और जलापूर्ति बहाल की जा रही है। कई स्थानों पर लंबे समय से बंद पड़े पेयजल स्रोतों को पुनः चालू कर लोगों को राहत दी गई है। जिला प्रशासन ने बताया कि 27 अप्रैल को भी जिले के विभिन्न पंचायतों एवं नगर परिषद क्षेत्रों में शिविर लगाकर समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया जारी रहेगी।





















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