एफआईआर के 24 घंटे में दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में नंदन यादव घायल
जमुई, बिहार | जमुई थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज के वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। 21 सितंबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद 22 सितंबर की सुबह पुलिस ने मामले के दो मुख्य आरोपियों हरे राम यादव और नंदन यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, नंदन यादव को पकड़ने के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा है।
19 सितंबर की शाम की घटना, वायरल हुआ वीडियो
जमुई पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 19 सितंबर 2026 की शाम करीब 6:45 बजे जमुई थाना क्षेत्र में मरवा और प्रतापपुर के बीच पहाड़ी इलाके में एक नाबालिग लड़के और लड़की के साथ कथित अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज की घटना हुई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो का तत्काल अवलोकन और तकनीकी सत्यापन कराया। जांच में दोनों नाबालिग पीड़ितों की पहचान की गई और घटनास्थल की भी पहचान की गई।
इसके बाद जमुई थाना कांड संख्या 428/26, दिनांक 21 सितंबर 2026 दर्ज किया गया। पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 76, 3(5) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 8/12 के तहत कार्रवाई की गई।
तीन विधि-विरुद्ध बालक पहले ही पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले में शामिल आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी एवं मानवीय सूचना जुटाई गई। कार्रवाई के दौरान 21 सितंबर को ही तीन विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किया गया। पुलिस ने इसके बाद मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी। इसी क्रम में 22 सितंबर की सुबह मुख्य आरोपियों के संबंध में पुलिस को महत्वपूर्ण सूचना मिली।
सुबह पांच बजे नदी के बहियार में घेराबंदी
जमुई पुलिस की दूसरी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, 22 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे सूचना मिली कि मामले के दो मुख्य आरोपी प्रतापपुर गांव से बाहर नदी के बहियार क्षेत्र की ओर गए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया।
पुलिस के अनुसार, नदी के पश्चिमी बहियार में जंगल के बीच छिपे एक आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। भागने के दौरान वह कई बार गिरा और चोटिल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान हरे राम यादव, पिता दीपू यादव, निवासी प्रतापपुर, जमुई के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, हरे राम यादव से पूछताछ के बाद दूसरे आरोपी नंदन यादव, पिता गनौरी यादव के नदी की तरफ स्थित जंगल में छिपे होने की जानकारी मिली।
घेराबंदी के दौरान पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में नंदन घायल
इसके बाद पुलिस टीम ने नंदन यादव की तलाश में इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी देखकर एक व्यक्ति ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी।
पुलिस ने घायल आरोपी को हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया। पूछताछ में उसकी पहचान नंदन यादव, पिता गनौरी यादव, निवासी प्रतापपुर, जमुई के रूप में हुई। उसकी चिकित्सकीय स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी पुलिस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो फैलाने वालों पर भी कार्रवाई
मामले में पुलिस ने केवल कथित घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाले सोशल मीडिया खातों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। जमुई पुलिस की पहली प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले लोगों के खिलाफ जमुई साइबर थाना कांड संख्या 45/2026, दिनांक 21 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है।
इस मामले में कुंदन कुमार, फैयाज और रामाशीष कुमार को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस के अनुसार, करीब 120 सोशल मीडिया पोस्ट/प्रोफाइल के संबंध में कार्रवाई की जा रही है तथा अन्य प्रोफाइलों की पहचान भी की जा रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली सामग्री को सोशल मीडिया पर पोस्ट, शेयर, रीपोस्ट या फॉरवर्ड करने से उनकी मानसिक और सामाजिक क्षति हो सकती है। इसलिए ऐसी सामग्री प्रसारित नहीं करने की अपील की गई है।
SIT और CID भी जांच में जुटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस स्तर पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। वायरल वीडियो, घटनास्थल, आरोपियों की भूमिका और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मामले में SIT स्तर पर जांच किए जाने के साथ बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर CID की विशेष टीम के स्तर से भी तथ्यों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का उद्देश्य घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनकी भूमिका स्पष्ट करना और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करना है।
नाबालिग की पहचान सार्वजनिक नहीं करने की अपील
जमुई पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़ितों से संबंधित वीडियो या तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा न करें। पुलिस ने विशेष रूप से ऐसी सामग्री को आगे प्रसारित नहीं करने को कहा है, जिससे पीड़ित की पहचान सार्वजनिक हो सकती है। इस पूरे मामले में अब जमुई थाना कांड संख्या 428/26 के तहत कथित घटना में शामिल आरोपियों और साइबर थाना कांड संख्या 45/2026 के तहत सोशल मीडिया पर सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ रही है।
राज्य : बिहार | जिला : जमुई | थाना : जमुई थाना एवं जमुई साइबर थाना
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