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पहली बरसात में ही ध्वस्त हुई सड़क, आठ साल से बदहाली झेल रहे ग्रामीण

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PMGSY सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप, गड्ढों में तब्दील मार्ग से आवागमन मुश्किल

मयूरहंड (चतरा)। जिले के मयूरहंड प्रखंड अंतर्गत कदगांवाकला पंचायत के दिग्ही गांव में आरईओ रोड से देवी मंडप तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत वर्ष 2018-19 में कराए गए सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में कथित अनियमितता बरती गई, जिसके कारण निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क की स्थिति खराब होने लगी।

ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण पर करीब 36 हजार की लागत बताई गई है। कालीकरण सड़क बनने से ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की उम्मीद थी, लेकिन उनका कहना है कि पहली बरसात के बाद ही सड़क की स्थिति खराब हो गई।

बताया गया कि संबंधित विभाग की ओर से सड़क निर्माण में नैनोटेक्नोलॉजी पद्धति का इस्तेमाल किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार, पुराने हार्ड सरफेस रोड में मौजूद मोरम-पत्थर को हटाकर उसकी जगह मोरम, स्टोन डस्ट, चिप्स और सीमेंट में रसायन मिलाकर भराई की गई। आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण लंबे समय तक सड़क की स्थिति खराब बनी रही।

ग्रामीणों का कहना है कि इसी दौरान संबंधित संवेदक की सड़क हादसे में मृत्यु हो गई। इसके बाद रसायनयुक्त भराई वाले हिस्से में जगह-जगह गड्ढे बन गए। ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो वर्ष बाद संवेदक के परिजनों एवं विभागीय अधिकारियों की ओर से बरसात के दौरान सड़क पर जैसे-तैसे पीचिंग का कार्य कराया गया। इसके बावजूद करीब आधा किलोमीटर सड़क की स्थिति ऐसी है कि यह पता लगाना मुश्किल है कि यहां कभी कालीकरण हुआ भी था या नहीं।

ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन दुग्ध डेयरी के भारी वाहनों का आवागमन होता है। इसके कारण दुग्ध भंडारण स्थल के पास सड़क पर दो फीट से अधिक गहरे गड्ढे बन गए हैं। बरसात के करीब चार महीनों में स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि ग्रामीणों को अपने वाहन दूसरे गांव में खड़े कर पैदल घर जाना पड़ता है।

ग्रामीण गौतम सिंह समेत दर्जनों लोगों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि कालीकरण से पहले हार्ड सरफेस सड़क पर आवागमन अपेक्षाकृत बेहतर था। कालीकरण के बाद बरसात के दिनों में सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सड़क की स्थिति की जांच कराने तथा आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि करीब आठ वर्षों से वे खराब सड़क के कारण परेशान हैं। उन्होंने उपायुक्त से मामले में संज्ञान लेकर स्थल निरीक्षण कराने और सड़क को आवागमन योग्य बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

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