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सावन पूर्णिमा पर अखिलेश्वर धाम में उमड़े श्रद्धालु, रक्षाबंधन पर बहनों ने पहले की शिव आराधना फिर बांधी राखी

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सावन पूर्णिमा पर अखिलेश्वर धाम में उमड़े श्रद्धालु, रक्षाबंधन पर बहनों ने पहले की शिव आराधना फिर बांधी राखी

 

भाई की लंबी उम्र के लिए भोलेनाथ को चढ़ाया जल, फिर कलाई पर सजाया रक्षा सूत्र, बाजारों में दिन भर रही रौनक

 

भंडरा (लोहरदगा) :-.सावन माह की अंतिम पूर्णिमा और भाई-बहन के अटूट प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन के महापर्व के अद्भुत संयोग ने शुक्रवार को पूरे भंडरा प्रखंड को भक्तिमय और उत्सवमय बना दिया। सुबह से ही प्रखंड क्षेत्र का माहौल पूरी तरह से बदल गया था। एक ओर शिवालयों में हर-हर महादेव के जयघोष गूंज रहे थे तो दूसरी ओर घर-घर में रक्षाबंधन के लोकगीतों की मधुर ध्वनि सुनाई दे रही थी। प्रखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल अखिलेश्वर धाम में सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सावन की अंतिम पूर्णिमा होने के कारण बड़ी संख्या में शिवभक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे। महिलाओं, युवतियों और बहनों की संख्या विशेष रूप से अधिक देखी गई। मान्यता है कि सावन पूर्णिमा पर भगवान शिव की आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, इसलिए रक्षाबंधन के दिन बहनों ने अपने भाई की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए सबसे पहले भोलेनाथ का आशीर्वाद लेना उचित समझा.बहनों ने विधि-विधान से शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद से अभिषेक किया, बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प अर्पित कर अपने भाइयों की मंगलकामना की। पूजा-अर्चना के बाद बहनें अपने घरों को लौटीं और वहां परंपरागत तरीके से भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। इस दृश्य ने भक्ति और प्रेम के अनोखे संगम को दर्शाया, जहां पहले महादेव की पूजा और फिर भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र सजाया गया। इधर पूरे भंडरा बाजार, भौरो, चट्टी, कुम्हारिया,मसमानो सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही बहनें सज-धज कर भाइयों के घर पहुंचती दिखीं। बहनों ने उपवास रखकर भाइयों के माथे पर रोली-चंदन का तिलक लगाया, आरती उतारी, मिठाई खिलाई और कलाई पर रंग-बिरंगी राखियां बांधीं। भाइयों ने भी अपनी बहनों को आजीवन रक्षा करने का वचन दिया और नेग के रूप में उपहार, नकद राशि और कपड़े भेंट किए। कई घरों में तो विदेश और बाहर में रह रहे भाइयों को वीडियो कॉल के माध्यम से राखी बांधी गई, जिससे त्योहार की खुशी और भी बढ़ गई। पुजारी पंडित भजन शर्मा ने बताया कि इस वर्ष सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन का एक साथ पड़ना अति शुभ संयोग है। सावन पूर्णिमा के दिन शिव पूजन करने से अखंड सौभाग्य और भाई-बहन के रिश्ते में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। यही कारण है कि अखिलेश्वर धाम में दिन भर भक्तों का तांता लगा रहा और शाम तक हजारों की संख्या में लोगों ने दर्शन किए.त्योहार को लेकर बाजारों में भी जबरदस्त चहल-पहल रही। गुरुवार शाम से ही बाजारों में राखी, मिठाई, वस्त्र, पूजा सामग्री और उपहार की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही थी, जो शुक्रवार को चरम पर पहुंच गई। नवडीहा चौक से लेकर मुख्य बाजार तक राखी के स्टॉल सजे थे। इस बार लाइट वाली राखी, रुद्राक्ष राखी और नाम वाली राखी की विशेष मांग रही। मिठाई दुकानों पर तो सुबह से ही कारीगर मिठाई बनाने में व्यस्त थे.रसगुल्ला, गुलाब जामुन, बर्फी और लड्डू की जमकर बिक्री हुई जिससे दुकानदारों में काफी उत्साह देखा गया। कुल मिलाकर सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन मिलन ने पूरे प्रखंड में खुशी, प्रेम और भक्ति का माहौल बना दिया।

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