जेल प्रशासन पर प्रताड़ना का आरोप, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
चतरा। चतरा मंडलकारा में बंदी की मौत के बाद सोमवार को मृतक के परिजनों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पोस्ट ऑफिस चौक को जाम कर दिया। परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। परिजनों का आरोप है कि जेल में बंदी को प्रताड़ित किया जाता था, जिसके कारण उसकी मौत हुई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की।
15 अप्रैल 2024 से जेल में बंद था मंटू
जानकारी के अनुसार, आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट के मामले में बंदी मंटू सिंह उर्फ दिलेश गंझू (22 वर्ष) 15 अप्रैल 2024 से चतरा मंडलकारा में बंद था। वह पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के केदल गांव निवासी शंकर गंझू उर्फ शंकर सिंह का पुत्र था।
बताया गया कि शनिवार देर रात मंटू ने जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने के बाद जेल प्रशासन ने उसे तत्काल चतरा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद जेल प्रशासन ने मृतक के परिजनों और सदर थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया।
मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
मृतक के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की टीम ने किया। टीम में हंटरगंज सीओ सह दंडाधिकारी रितिक कुमार, डॉ. अजहर, डॉ. विनय मेहता और डॉ. शैलेंद्र कुमार चौधरी शामिल थे। फिलहाल परिजन जेल प्रशासन पर लगाए गए आरोपों की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।






















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