झारखंड में नक्सलवाद को सबसे बड़ा झटका, 17 साल से फरार सेंट्रल कमेटी सदस्य समेत तीन शीर्ष नक्सली दबोचे गए, संयुक्त अभियान में पुलिस-सीआरपीएफ-कोबरा को बड़ी सफलता
रांची: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के सबसे बड़े इनामी और भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल समेत पांच कुख्यात माओवादियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस बड़ी सफलता के बाद पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बताया कि झारखंड में माओवादी संगठन का शीर्ष नेतृत्व लगभग समाप्त हो चुका है और राज्य अब लगभग माओवाद मुक्त हो गया है।
डीजीपी ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर 28 जुलाई 2026 को धनबाद जिले के बरवड्डा थाना क्षेत्र के जंगलों में ‘ऑपरेशन दौरा पहाड़’ चलाया गया। इस संयुक्त अभियान में धनबाद एवं गिरिडीह जिला पुलिस, सीआरपीएफ की 209 कोबरा बटालियन और अन्य सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए पांच माओवादियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार माओवादियों में 2.20 करोड़ रुपये का इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा, 15 लाख रुपये का इनामी रीजनल कमेटी सदस्य मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभिषण उर्फ तुंबा मुर्मू, एरिया कमेटी सदस्य गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ, मंगल मुर्मू और दिनेश राय शामिल हैं।
पुलिस ने इनके कब्जे से तीन AK-47 रायफल, आठ मैगजीन और 288 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
डीजीपी ने बताया कि मिसिर बेसरा पर झारखंड सरकार ने एक करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार ने एक करोड़ बीस लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों में 175 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं गिरफ्तार रीजनल कमेटी सदस्य मेहनत उर्फ मोछू पर 15 लाख रुपये का इनाम था और उसके खिलाफ 137 मामले दर्ज हैं।
डीजीपी ने कहा कि लगातार चल रहे अभियानों के कारण माओवादी संगठन पूरी तरह कमजोर हो चुका है। अब केवल एक करोड़ रुपये का इनामी असीम मंडल ही सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर है, जिसकी तलाश पश्चिम बंगाल सीमा से सटे इलाकों में की जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्रेस वार्ता में आईजी सीआरपीएफ साकेत कुमार सिंह, आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह, आईजी झारखंड जगुआर अनूप बिरथरे, डीआईजी झारखंड जगुआर इंद्रजीत महथा, धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार और गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार भी मौजूद रहे।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार माओवादियों पर घोषित इनामी राशि अभियान में शामिल अधिकारियों और जवानों के बीच नियमानुसार वितरित की जाएगी। संबंधित जिलों के एसपी की अनुशंसा के बाद पात्र पुलिसकर्मियों को पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।























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