शैक्षणिक प्रमाण पत्र, टीसी, जाति, आवासीय व चरित्र प्रमाण पत्र की सत्यापन कराने की उठी मांग
चतरा। चतरा जिला होमगार्ड बहाली के तहत कुंदा प्रखंड में चयनित कुछ अभ्यर्थियों पर फर्जी दस्तावेजों के उपयोग एवं बहाली प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में कुछ आवेदकों ने उपायुक्त को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई अभ्यर्थियों ने निर्धारित आयु पात्रता पूरी नहीं होने के बावजूद दूसरे विद्यालय से सातवीं कक्षा का स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) बनवाकर आवेदन किया है, जबकि संबंधित अभ्यर्थी दसवीं एवं बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण हैं। ऐसे में उनके शैक्षणिक प्रमाण पत्रों एवं स्थानांतरण प्रमाण पत्र की सत्यता की जांच कराने की मांग की गई है।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ अभ्यर्थियों के विरुद्ध शराब से संबंधित अथवा अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं कुछ अभ्यर्थियों के मूल रूप से बिहार निवासी होने के बावजूद कुंदा प्रखंड का जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनवाकर बहाली प्रक्रिया में शामिल होने का भी संदेह व्यक्त किया गया है।
शिकायत में मुख्य रूप से चंदन कुमार (KUND100353), आशीष कुमार (KUND100471), विशाल कुमार (KUND100422), अमलेश कुमार (KUND100264) सहित अन्य अभ्यर्थियों के नामों का उल्लेख करते हुए उनके दस्तावेजों की जांच की मांग की गई है।
आवेदकों ने उपायुक्त से अनुरोध किया है कि चयनित सभी अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी), जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र एवं चरित्र प्रमाण पत्र का गहन सत्यापन कराया जाए। यदि जांच में किसी अभ्यर्थी द्वारा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने की पुष्टि होती है तो उसे बहाली प्रक्रिया से बाहर किया जाए, ताकि योग्य एवं पात्र अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके। शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि बहाली प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन को इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।






















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