सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला बताया
रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और उनके अनशन को जबरन समाप्त कराए जाने के तरीके का कड़ा विरोध किया है। पार्टी के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र सरकार ने 20 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन जब दिल्ली हाई कोर्ट ने वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता जताई तो 21वें दिन उन्हें जबरन हटाकर गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह उन्हें हटाया गया, वह लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है।
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज हैं। उनके अनुसार सरकार का वास्तविक निशाना भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाएं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी मानसून सत्र में केंद्र सरकार संविधान संशोधन के जरिए राज्यों की निर्वाचित सरकारों और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों को कमजोर करने की तैयारी कर रही है।
झामुमो महासचिव ने कहा कि आदिवासी-मूलवासी समाज सामुदायिक लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करता है और संविधान तथा लोकतंत्र को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि आने वाली चुनौतियों का पार्टी और राज्य की जनता मजबूती से सामना करेगी। प्रेस वार्ता के दौरान सुप्रियो भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।





















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