कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी पर 40 हजार रुपये जुर्माना; पीड़िता को मिलेगा मुआवजा
सिमडेगा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) राजीव कुमार सिन्हा की अदालत ने मूक-बधिर नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी जितेंद्र प्रधान को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला वर्ष 2023 में रेंगारीह थाना में दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 14 गवाह प्रस्तुत किए। मामले में अपर लोक अभियोजक निशि कच्छप ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की।
सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 एवं 6 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने प्रत्येक धारा में 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। हालांकि दोनों सजाएं एक साथ (समानांतर) चलेंगी। अदालत के इस फैसले को बाल यौन अपराधों के मामलों में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।




















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