रैयतों ने मांगा तीन दिन का समय, 17 जुलाई को पुनः होगा कार्य; सीसीएल ने जीरो कट बिजली का दिया आश्वासन
टंडवा (चतरा)। सीसीएल की मगध कोल परियोजना अंतर्गत कामता गांव में डीवीसी सबस्टेशन के समीप बिजली पोल लगाने की प्रक्रिया को लेकर शनिवार को हलचल रही। परियोजना पदाधिकारी (पीओ) सुबोध कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, जहां मुआवजे की मांग को लेकर रैयतों ने कार्य का विरोध किया।
मौके पर परियोजना प्रबंधन और रैयतों के बीच काफी देर तक वार्ता हुई। चर्चा के बाद रैयतों ने अपनी मांगों पर विचार के लिए तीन दिन का समय मांगा। इस पर सहमति बनते हुए परियोजना पदाधिकारी वापस लौट गए। अब 17 जुलाई को पुनः बिजली पोल लगाने का कार्य किए जाने का निर्णय लिया गया है।
परियोजना पदाधिकारी सुबोध कुमार ने रैयतों को आश्वस्त किया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने और बिजली कनेक्शन जुड़ने के बाद विस्थापितों को जीरो कट बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, ग्राम कामता के खाता संख्या-28, प्लॉट संख्या-772 की लगभग 2 एकड़ 11 डिसमिल भूमि को लेकर रैयत कई वर्षों से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में परियोजना पदाधिकारी ने रैयतों से भूमि से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर जमा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सीसीएल प्रबंधन का कहना है कि बिजली कनेक्शन बहाल होने के बाद क्षेत्र के लोगों को बेहतर विद्युत सुविधा मिलेगी और विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।























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