धान का समर्थन मूल्य 3200 रुपये करने एवं मुआवजा देने की मांग
चतरा। भारतीय जनता पार्टी द्वारा शनिवार को इटखोरी एवं गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित कर झारखंड सरकार के खिलाफ विरोध जताया गया। कार्यक्रम में किसानों, आपदा पीड़ितों एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया गया।
इटखोरी में धरना-प्रदर्शन
इटखोरी प्रखंड मुख्यालय में आयोजित धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता भाजपा मंडल अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन महामंत्री शिवकुमार राणा ने किया। कार्यक्रम में प्रभारी के रूप में पूर्व प्रखंड अध्यक्ष महेन्दर नायक उपस्थित रहे। धरना को संबोधित करते हुए महेन्दर नायक ने कहा कि चुनाव के दौरान सरकार ने किसानों से धान खरीद का समर्थन मूल्य 3200 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद मात्र 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जा रहा है। साथ ही किसानों को समय पर भुगतान भी नहीं मिल रहा है।
उन्होंने हालिया बारिश एवं तूफान से प्रभावित गरीब परिवारों के क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत के लिए तत्काल आवास सहायता एवं आर्थिक राहत देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों एवं गरीबों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो भाजपा सड़क से सदन तक बड़ा आंदोलन करेगी। मंडल अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह ने भी कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को अविलंब मुआवजा दिया जाए, अन्यथा भाजपा उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।
गिद्धौर में भी भाजपा का प्रदर्शन
वहीं गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय के मुख्य गेट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष प्रेमचंद यादव ने की तथा संचालन मंडल महामंत्री प्रीतम कुमार यादव ने किया। कार्यक्रम में भाजपा जिला महामंत्री एवं प्रभारी डॉ. मृत्युंजय सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारी, मंडल पदाधिकारी, मंच मोर्चा प्रतिनिधि, पूर्व मंडल अध्यक्ष, सांसद एवं विधायक प्रतिनिधि, शक्ति केंद्र संयोजक, बूथ अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने झारखंड सरकार पर किसानों की उपेक्षा एवं जनहित के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि हालिया प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं तथा गरीब परिवारों के घरों की छतें उड़ गई हैं, लेकिन अब तक सरकार द्वारा समुचित राहत नहीं दी गई है। धरना-प्रदर्शन के माध्यम से किसानों की फसल क्षति का सर्वे कर उचित मुआवजा देने, गरीब परिवारों को आवास सहायता उपलब्ध कराने, धान का समर्थन मूल्य 3200 रुपये प्रति क्विंटल करने, कृषि ऋण माफ करने तथा आपदा पीड़ितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई।
धरना के उपरांत विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी, गिद्धौर को सौंपा गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।



















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