दिव्यांग और मूक-बधिर बालिकाओं के लिए रांची सीआईपी से बुलाए जाएंगे सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ, कंप्यूटर और सिलाई प्रशिक्षण देने का आदेश, मिशन वात्सल्य के 2 लाभुकों को सौंपा चेक
📍 चतरा | न्यूज़ स्केल लाइव
उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल (हजारीबाग) के प्रमंडलीय आयुक्त मनोज कुमार ने शनिवार को चतरा जिले के पकरिया स्थित ‘मिशन वात्सल्य बाल संरक्षण योजना’ के तहत संचालित बालिका गृह और बालक गृह का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान आयुक्त ने बच्चों की सुरक्षा, रहन-सहन और सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों को बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कड़े दिशा-निर्देश दिए।
बालिका गृह: सुरक्षा जांची, बच्चियों से किया सीधा संवाद आयुक्त ने सबसे पहले बालिका गृह का रुख किया। यहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी लेते हुए सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की स्थिति को परखा। इसके बाद उन्होंने आश्रय गृह में रह रही बालिकाओं से सीधे बातचीत कर उनकी दैनिक जरूरतों और समस्याओं को सुना। आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बालिकाओं के पुनर्वास की प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा, केंद्रीय पंजी, बच्चों की उपस्थिति पंजी, व्यक्तिगत फाइलें, सीडब्ल्यूसी (CWC) के प्रपत्र और आधार कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की भी गहन जांच की गई। इस दौरान आयुक्त ने परिसर में पौधारोपण भी किया।
दिव्यांग बालिकाओं के लिए विशेष पहल और रोजगार पर जोर निरीक्षण के दौरान सबसे अहम फैसला मूक-बधिर और दिव्यांग बालिकाओं के लिए लिया गया। आयुक्त ने निर्देश दिया कि रांची स्थित सीआईपी (CIP) से सांकेतिक भाषा विशेषज्ञों को मासिक स्तर पर यहां उपलब्ध कराया जाए ताकि इन बच्चियों की भावनाएं समझी जा सकें और उनके परिवार का पता लगाया जा सके। साथ ही, बालिकाओं को भविष्य में आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें कंप्यूटर, टाइपिंग और सिलाई के प्रशिक्षण से जोड़ने तथा आवश्यक संसाधनों की तुरंत व्यवस्था करने का सख्त निर्देश भी दिया गया।
बालक गृह में बच्चों ने स्वागत गीत गाकर किया अभिवादन बालिका गृह के बाद आयुक्त बालक गृह पहुंचे, जहां बच्चों ने स्वागत गीत गाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। यहां भी आयुक्त ने बच्चों से उनके भोजन, शिक्षा, खेलकूद और साफ-सफाई की व्यवस्था पर खुलकर बात की। उन्होंने मिशन वात्सल्य योजना के तहत संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए बच्चों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर वातावरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
दो नए लाभुकों को सौंपी गई सहायता राशि इस मौके पर प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा ‘मिशन वात्सल्य बाल संरक्षण’ अंतर्गत प्रयोजन योजना (स्पॉन्सरशिप) के दो नए लाभुकों को चेक के माध्यम से सहायता राशि भी प्रदान की गई। इस सघन निरीक्षण कार्यक्रम में चतरा उपायुक्त रवि आनंद, उप विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी जहूर आलम, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेणु रवि, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अरुणा प्रसाद सहित बालक और बालिका गृह के सभी कर्मी मौजूद रहे।






















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