पेड़ गिरने से नगर निगम के नाले और रास्ते को भी पहुंचा भारी नुकसान, पिछड़ा संघर्ष मोर्चा ने की सख्त कार्रवाई की मांग
देवघर, News Scale Live: झारखंड के देवघर शहर से पर्यावरण और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। शहर के जलसार तट स्थित जटाहर बाबा मंदिर के पीछे लगे करीब 100 साल से अधिक पुराने एक विशाल और ऐतिहासिक इमली के पेड़ को अवैध रूप से काट दिया गया है। आरोप है कि एक स्थानीय व्यक्ति ने न तो नगर निगम से कोई आदेश लिया और न ही वन विभाग से कोई परमिशन ली, और अपनी मनमानी करते हुए इस विशाल पेड़ की बलि चढ़ा दी।
लाखों की लकड़ी बेची, सरकारी नाला भी तोड़ा चर्चा है कि इस ऐतिहासिक पेड़ को कटवाने के बाद इसकी बेशकीमती लकड़ी को लाखों रुपये में किसी नजदीकी लकड़ी के गोले (टाल) में बेच दिया गया है। मनमानी का आलम सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहा; पेड़ काटने के दौरान उसकी एक विशाल टहनी गिर गई, जिससे पिछले ही साल नगर निगम द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाए गए बड़े नाले और रास्ते को भारी नुकसान पहुंचा है। पेड़ कटने और रास्ता बाधित होने से स्थानीय लोगों में भी काफी नाराजगी देखी जा रही है।
पिछड़ा संघर्ष मोर्चा ने किया स्थल का निरीक्षण इस अवैध कटाई और सरकारी संपत्ति के नुकसान की भनक लगते ही ‘पिछड़ा संघर्ष मोर्चा’ के पदाधिकारी पप्पू राउत तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थल का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि बाजार में लाखों रुपये की लकड़ी को चोरी-छिपे बेचने की चर्चा बिल्कुल गर्म है और निगम के निर्मित रास्ते की भी भारी क्षति हुई है।
नगर आयुक्त से की गई कानूनी कार्रवाई की मांग पप्पू राउत ने इस मनमानी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए तुरंत नगर आयुक्त को सूचना दी है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। श्री राउत ने स्पष्ट किया है कि वह इस वृक्ष की अवैध रूप से कटाई कराने, चोरी-छिपे लकड़ी बेचने और नगर निगम की संपत्ति (नाले और रास्ते) को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति के खिलाफ संबंधित पदाधिकारियों को औपचारिक पत्र लिखेंगे और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग करेंगे।
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