भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण (तेरहवां संशोधन) विनियम, 2026 का मसौदा जारी कर दिया है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प देना और सस्ती सेवाएं उपलब्ध कराना है। इससे पहले वर्ष 2024 में जारी बारहवें संशोधन में टेलीकॉम कंपनियों को वॉयस और एसएमएस के लिए कम से कम एक विशेष टैरिफ वाउचर (एसटीवी) देना अनिवार्य किया गया था। हालांकि समीक्षा में यह सामने आया कि कंपनियां सीमित विकल्प ही उपलब्ध करा रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही थी।
नए मसौदे में इस समस्या को ध्यान में रखते हुए अहम बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। अब कंपनियों को वॉयस, एसएमएस और डेटा वाले पैक के साथ-साथ हर वैधता अवधि के लिए केवल वॉयस और एसएमएस के अलग विशेष टैरिफ वाउचर भी उपलब्ध कराने होंगे। इन वाउचरों की कीमत मौजूदा पैक्स की तुलना में आनुपातिक रूप से कम रखने का प्रावधान किया गया है।
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प्राधिकरण को उपभोक्ताओं की ओर से लगातार ऐसे पैक्स की मांग मिल रही थी, जिनमें केवल कॉल और मैसेजिंग की सुविधा हो, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें डेटा की जरूरत कम होती है। नए प्रस्ताव से ऐसे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने इस मसौदे को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया है और सभी हितधारकों से 28 अप्रैल 2026 तक सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं। सुझाव ईमेल के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दूरसंचार बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगा और उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत के अनुसार सस्ते, लचीले और उपयोगी प्लान उपलब्ध कराएगा।





















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