
गुमला – मिशन बदलाव के संस्थापक भूषण भगत ने विधायक और संसद को अपील की है कि स्वार्थ की राजनीति न करें आपके राजनीति से सरकारी योजना जल नल योजना 113 करोड़ के ऊपर ग्रहण लग सकता है।भूषण भगत ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी और प्रशासनिक पदाधिकारी के शिथिलता के वजह से ये करोड़ो रुपए के लागत से बनने वाली योजना अधर में लटकी हुई है, गुमला विधायक भूषण तिर्की और सांसद सुखदेव भगत पहल करेंगे तो योजना को धरातल में उतारा जा सकता है लेकिन इनकी चुप्पी और मौन से जनता पानी के हाहाकार के दौर से गुजर रहा है। इनकी चुप्पी और मौन को गुमला की जनता माफ नहीं करेगी।विवादित जमीन और प्रशासनिक टालमटोल है तो विधायक और सांसद पहल करनी चाहिए
बड़ी परियोजनाओं के लिए शहरी विकास मंत्रालय, विभाग या भूमि राजस्व विभाग से जरूरी एनओसी (NOC) और स्वीकृतियां दिलाने में विधायक और संसद की महत्वपूर्ण भूमिका थी।इसको जनता को जानना चाहिए और विधायक और सांसद की प्रशासनिक स्वीकृतियों तक केवल भूमिका नहीं रहती लेकिन इस विशिष्ट भूमि विवाद को सुलझाने के लिए अधिकारियों पर सीधा दबाव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते है।अगर विवाद के वजह से गुमला की 113 करोड़ रुपये की अमृत मिशन 2.0 शहरी जलापूर्ति योजना में ब्रेक लगता है तो गुमला शहर के जनसंख्या पानी के त्राहिमाम सामना करते रहेगी। भूषण भगत ने कहा कि जुडको और वर्ल्ड बैंक का संयुक्त अभियान में योजना चलेगी लेकिन कुछ लोगों द्वारा इस योजना को धरातल पर नहीं लाने के लिए लगें हुए हैं।





















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