लोहरदगा। स्थानीय शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर के विशाल कक्ष में सत्र 2026–27 के लिए तीन दिवसीय ‘आचार्य कार्यशाला’ का हर्षोल्लास के साथ शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड प्रांत के प्रांत संघचालक सच्चिदानंद लाल अग्रवाल, अध्यक्ष शशिधर लाल अग्रवाल, सचिव अजय प्रसाद और अन्य शिक्षाविदों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
”गुरु दक्षिणा और मातृ संगठन से मजबूत होता है समाज”
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सच्चिदानंद लाल अग्रवाल ने कहा कि गुरु पूर्णिमा हमारे भीतर सम्मान का भाव जगाती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “गुरु दक्षिणा हमें कर्तव्य और समर्पण की प्रेरणा देती है, जबकि मातृ संगठन समाज को वैचारिक और नैतिक रूप से सुदृढ़ बनाता है।” उनके अनुसार, इन संस्कारों के मिलन से ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
वार्षिक कार्य योजना: विद्यालय का दर्पण
सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडे ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखते हुए वार्षिक योजना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दर्पण चेहरा दिखाता है, उसी प्रकार वार्षिक कार्य योजना बीते वर्ष की समीक्षा और आगामी सत्र की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है।
सत्रवार मुख्य गतिविधियाँ और उपलब्धियां:
सम्मान: उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के लिए नीलिमा दीदी जी को ‘सफल कक्षाचार्या’ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
समीक्षा एवं सत्यापन: द्वितीय और तृतीय सत्र में सचिव अजय प्रसाद, श्यामसुंदर कुमार और उपाध्यक्ष विनोद राय की देखरेख में विद्यालय की भौतिक सामग्री, पंजी सत्यापन और विद्यालय के सबल व कमजोर पक्षों पर गहन चर्चा हुई।
आगामी योजना: प्रधानाचार्य बिपिन कुमार दास के मार्गदर्शन में ‘आचार्य भारती’ का गठन किया गया और सभी आचार्यों को उनके उत्तरदायित्व सौंपे गए।
विशेष आयोजन: सत्र 2026–27 के लिए अभिभावक गोष्ठी, मातृ सम्मेलन और दादा-दादी व नाना-नानी सम्मान समारोह जैसी महत्वपूर्ण तिथियों का निर्धारण किया गया।
गरुमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर मनोहर लाल प्लस टू विद्यालय के प्रधानाचार्य बिपिन कुमार दास, विकास भारती (मंच संचालक) सहित विद्यालय परिवार के सभी आचार्य और दीदी जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र के प्रति समर्पित ‘संघ प्रार्थना’ के साथ हुआ।






















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